अमृतसर के सेवा केंद्रों में लोगों की भारी परेशानी, टोकन के लिए सुबह 5 बजे से लग रही लंबी कतारें

सेवा केंद्रों की संख्या घटने से बढ़ी भीड़, दलालों की सक्रियता के आरोप, वरिष्ठ नागरिकों और महिलाओं के लिए अलग व्यवस्था का अभाव

अमृतसर, 4 अगस्त (फुलजीत सिंह वरपाल):

पंजाब सरकार ने लोगों को एक ही स्थान पर सरकारी सेवाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से पूरे राज्य में सेवा केंद्र स्थापित किए हैं। इन केंद्रों के माध्यम से लगभग 456 प्रकार की सरकारी सेवाएं प्रदान की जाती हैं, जिनमें जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र, आधार कार्ड संबंधी सेवाएं, वाहन दस्तावेज और अन्य आवश्यक सरकारी सुविधाएं शामिल हैं। ये दस्तावेज बैंक खाता खोलने, बच्चों के स्कूल में दाखिले, मेडिकल बीमा और अन्य कई सरकारी एवं निजी कार्यों के लिए आवश्यक हैं।

लेकिन अमृतसर के सेवा केंद्रों की स्थिति इससे बिल्कुल अलग नजर आ रही है। जानकारी के अनुसार, सेवा केंद्र सुबह लगभग 9 बजे खुलते हैं, जबकि टोकन लेने के लिए लोगों को सुबह 5 बजे से ही कतार में लगना पड़ता है। केंद्र खुलने के बाद भी लोगों को लंबा इंतजार करना पड़ता है और कई जरूरतमंद नागरिकों को टोकन न मिलने के कारण रोज़ निराश होकर वापस लौटना पड़ता है।

हमारी टीम द्वारा मौके का निरीक्षण करने पर करीब 43 डिग्री सेल्सियस तापमान में महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग बड़ी संख्या में टोकन के लिए बाहर खड़े मिले। इस दौरान लगभग 15 से 20 लोगों को टोकन न मिलने के कारण खाली हाथ घर लौटना पड़ा।

सेवा केंद्र के अंदर भी हालात संतोषजनक नहीं थे। भीषण गर्मी और उमस के बावजूद लोगों को अपनी बारी के लिए लंबे समय तक इंतजार करना पड़ा। वरिष्ठ नागरिकों और महिलाओं के लिए कोई अलग व्यवस्था नहीं दिखाई दी। इसके अलावा कई एयर कंडीशनर बंद पाए गए, जिससे आम लोगों के साथ-साथ कर्मचारियों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था।

कुछ लोगों ने यह भी आरोप लगाया कि सेवा केंद्रों के बाहर सक्रिय दलाल लोगों की मजबूरी का फायदा उठा रहे हैं। आरोप है कि 50 रुपये वाले काम के लिए 150 से 200 रुपये तक वसूले जा रहे हैं और पैसे लेकर प्राथमिकता के आधार पर अपॉइंटमेंट दिलाए जा रहे हैं। कुछ लोगों ने सेवा केंद्र के कुछ कर्मचारियों और दलालों की मिलीभगत का भी आरोप लगाया है। हालांकि, इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है।

इस संबंध में सेवा केंद्र के इंचार्ज बहादुर सिंह ने बताया कि अधिकांश सेवाएं ऑनलाइन भी उपलब्ध हैं। उन्होंने कहा कि पहले अमृतसर जिले में लगभग 145 सेवा केंद्र संचालित थे, लेकिन वर्तमान में उनकी संख्या घटकर लगभग 41 रह गई है, जिसके कारण शेष केंद्रों पर भीड़ बढ़ गई है।

उन्होंने आगे कहा कि लोगों की सुविधा के लिए जल्द ही ऑनलाइन अपॉइंटमेंट और डिजिटल सेवाओं के प्रति जागरूकता अभियान चलाया जाएगा, ताकि नागरिकों को गर्मी या अन्य कारणों से अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *