LADCS मामले में सुप्रीम कोर्ट का ऐतिहासिक आश्वासन: वकीलों की एकजुटता की बड़ी जीत — एडवोकेट हरपाल सिंह निज्जर

चंडीगढ़, 4 अगस्त (के. एल. जीत वालिया):लीगल एड डिफेंस काउंसल सिस्टम (LADCS) को लेकर लंबे समय से चल रहे विवाद के बीच सुप्रीम कोर्ट द्वारा दिया गया आश्वासन वकील समुदाय के लिए एक ऐतिहासिक और सकारात्मक कदम माना जा रहा है। पंजाब, हरियाणा एवं चंडीगढ़ हाईकोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता तथा अजनाला बार एसोसिएशन के अध्यक्ष एडवोकेट हरपाल सिंह निज्जर ने इस निर्णय का स्वागत करते हुए इसे वकील समुदाय की एकता, लोकतांत्रिक संघर्ष और सामूहिक प्रयासों की बड़ी जीत बताया।

एडवोकेट हरपाल सिंह निज्जर ने कहा कि बार काउंसिल ऑफ पंजाब एंड हरियाणा के नेतृत्व में पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और हिमाचल प्रदेश की विभिन्न बार एसोसिएशनों के प्रतिनिधियों की भारत के मुख्य न्यायाधीश तथा नेशनल लीगल सर्विसेज अथॉरिटी (NALSA) के कार्यकारी अध्यक्ष के साथ हुई बैठक अत्यंत सार्थक रही। इस दौरान वकीलों ने मौजूदा LADCS व्यवस्था के कारण युवा वकीलों के रोजगार, स्वतंत्र वकालत और बार संस्थाओं के भविष्य पर पड़ रहे प्रभावों को विस्तार से रखा।

उन्होंने कहा कि मुख्य न्यायाधीश द्वारा यह आश्वासन दिया जाना कि सितंबर 2026 के बाद लीगल एड डिफेंस काउंसल की कोई नई नियुक्ति नहीं की जाएगी, तथा इसके बाद कानूनी सहायता से जुड़े मामलों का आवंटन जिला एवं सत्र न्यायाधीश, बार काउंसिल और संबंधित बार एसोसिएशनों से परामर्श कर करेंगे, वकीलों के विश्वास को मजबूत करने वाला निर्णय है।

उन्होंने आगे कहा कि इससे भी महत्वपूर्ण बात यह है कि सुप्रीम कोर्ट ने सभी हितधारकों से विचार-विमर्श के बाद नई और संतुलित कानूनी सहायता योजना तैयार करने के संकेत दिए हैं। उनके अनुसार यह नई व्यवस्था आम लोगों को त्वरित, प्रभावी और सुलभ कानूनी सहायता उपलब्ध कराने के साथ-साथ वकीलों के सम्मान, पेशेवर स्वतंत्रता और रोजगार की भी सुरक्षा करेगी।

एडवोकेट निज्जर ने बार काउंसिल ऑफ पंजाब एंड हरियाणा, बार काउंसिल ऑफ इंडिया, देशभर की बार एसोसिएशनों तथा इस आंदोलन में एकजुट रहे सभी वकीलों को बधाई देते हुए कहा कि यह सफलता इस बात का प्रमाण है कि जब वकील समुदाय एकजुट होकर अपनी बात रखता है, तो न्यायपालिका उसकी जायज़ चिंताओं को गंभीरता से सुनती है।

उन्होंने कहा कि बार और बेंच न्याय व्यवस्था के दो मजबूत स्तंभ हैं, और दोनों के बीच पारस्परिक सम्मान एवं सहयोग से ही एक मजबूत, पारदर्शी और प्रभावी न्याय प्रणाली स्थापित की जा सकती है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि आने वाली नई कानूनी सहायता योजना आम नागरिकों के हितों की रक्षा करने के साथ-साथ वकीलों के अधिकारों और उनके भविष्य को भी पूरी तरह सुरक्षित करेगी।

अंत में एडवोकेट हरपाल सिंह निज्जर ने कहा कि वकील समुदाय हमेशा न्यायपालिका के साथ मिलकर आम लोगों को बेहतर और प्रभावी कानूनी सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध रहेगा। उन्होंने उम्मीद जताई कि यह निर्णय भारत की कानूनी सहायता व्यवस्था को अधिक मजबूत, पारदर्शी और संतुलित बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगा।

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