पावन वाल्मीकि तीर्थ से 9, 10 और 11 अक्टूबर को होगी रामलीला की अखंड ज्योत की शुरुआत: प्रातुल सबरवाल

देश-विदेश से धार्मिक संगठन और रामलीला कमेटियां करेंगी शिरकत

अमृतसर, 30 सितंबर (के.एल. जीत वालिया): हर वर्ष की तरह इस बार भी पावन वाल्मीकि तीर्थ में रामलीला की अखंड ज्योत के शुभारंभ का धार्मिक समारोह 9, 10 और 11 अक्टूबर को श्रद्धा एवं उत्साह के साथ आयोजित किया जाएगा। इस संबंध में वाल्मीकि समाज के नेताओं की विशेष बैठक के दौरान समाजसेवी प्रातुल सबरवाल ने प्रेस से बातचीत करते हुए कार्यक्रम की जानकारी साझा की।

प्रातुल सबरवाल ने कहा कि त्रिकालदर्शी भगवान वाल्मीकि महाराज जहां शिक्षा के गुरु थे, वहीं वे शस्त्र विद्या के भी विशेषज्ञ थे। उन्होंने कहा कि पावन वाल्मीकि तीर्थ का धार्मिक और ऐतिहासिक महत्व अत्यंत महत्वपूर्ण है और हर वर्ष यहीं से रामलीला के लिए अखंड ज्योत की शुरुआत की जाती है।

उन्होंने बताया कि सर्व धर्म समरसता समिति, विश्व हिंदू परिषद सहित देश-विदेश में रहने वाले वाल्मीकि धार्मिक संगठनों की ओर से एक साझा मंच पर एकत्र होकर इस धार्मिक परंपरा को आगे बढ़ाया जा रहा है। पावन वाल्मीकि तीर्थ से प्राप्त अखंड ज्योत को विभिन्न स्थानों पर रामलीला आयोजित करने वाली कमेटियों द्वारा नौ दिनों तक श्रद्धापूर्वक स्थापित किया जाता है।

उन्होंने कहा कि दशहरे के समापन के बाद उस ऐतिहासिक सरोवर में स्नान की धार्मिक रस्म भी निभाई जाती है, जिसे बजरंग बली श्री हनुमान जी के चरण स्पर्श से जुड़ा हुआ माना जाता है।

सबरवाल ने बताया कि 9, 10 और 11 अक्टूबर को होने वाले अखंड ज्योत समारोह में संत महापुरुष बाल योगी बाबा प्रगट नाथ, संत मलकीत नाथ, संत गिरधारी नाथ, संत सेवक नाथ कुलारां, मुख्य संचालक प्रमोद कुमार और विश्व हिंदू परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष आलोक कुमार सहित कई धार्मिक हस्तियां उपस्थित रहेंगी।

इसके अलावा जालंधर, हिमाचल प्रदेश और लुधियाना सहित विभिन्न स्थानों से पहुंचने वाली शोभायात्राओं का गर्मजोशी से स्वागत किया जाएगा। उन्होंने बताया कि धार्मिक मंच की तैयारियों और व्यवस्थाओं में ओम प्रकाश अनारिया, पवन दरावड़, रवि चौहान और शाहबीर दरावड़ महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।

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