नई दिल्ली :- आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में फ्रोजन फूड लोगों की पहली पसंद बनता जा रहा है। मिनटों में तैयार होने वाला यह खाना देखने में भले ही सुविधाजनक लगे, लेकिन सेहत के लिहाज से यह धीरे धीरे नुकसान पहुंचा सकता है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि लंबे समय तक फ्रोजन फूड का सेवन शरीर पर नकारात्मक असर डालता है और कई गंभीर बीमारियों की वजह बन सकता है।
फ्रोजन फूड को लंबे समय तक सुरक्षित रखने के लिए इसमें प्रिजरवेटिव्स और केमिकल्स का इस्तेमाल किया जाता है। ये तत्व स्वाद और शेल्फ लाइफ तो बढ़ाते हैं, लेकिन शरीर में पहुंचकर पाचन तंत्र को कमजोर कर सकते हैं। लगातार सेवन से गैस एसिडिटी और कब्ज जैसी समस्याएं आम हो जाती हैं। कुछ मामलों में यह हार्मोनल असंतुलन का कारण भी बन सकता है।
विशेषज्ञ बताते हैं कि फ्रोजन फूड में ताजे खाने की तुलना में पोषक तत्व काफी कम हो जाते हैं। फ्रीजिंग और प्रोसेसिंग के दौरान विटामिन और मिनरल्स नष्ट हो जाते हैं। इससे शरीर को जरूरी पोषण नहीं मिल पाता और इम्यून सिस्टम कमजोर होने लगता है। बच्चों और बुजुर्गों के लिए यह और भी ज्यादा नुकसानदायक साबित हो सकता है।
फ्रोजन फूड में नमक और अनहेल्दी फैट की मात्रा अधिक होती है। इससे हाई ब्लड प्रेशर मोटापा और हृदय रोग का खतरा बढ़ जाता है। इसके अलावा माइक्रोवेव में बार बार गर्म किए गए फ्रोजन फूड से निकलने वाले तत्व शरीर में सूजन और कोशिकाओं को नुकसान पहुंचा सकते हैं।
एक्सपर्ट्स की सलाह है कि फ्रोजन फूड को रोजमर्रा की डाइट का हिस्सा न बनाएं। कोशिश करें कि ताजा और घर का बना खाना ही खाएं। अगर कभी फ्रोजन फूड लेना जरूरी हो तो उसकी सामग्री जरूर पढ़ें और सीमित मात्रा में ही सेवन करें। सेहत को लंबे समय तक सुरक्षित रखने के लिए सही खानपान और संतुलित आहार सबसे जरूरी है।