नई दिल्ली :- दिल्ली एनसीआर में नए साल की सुबह लोगों के लिए राहत नहीं बल्कि परेशानी लेकर आई। राजधानी में कड़ाके की ठंड घना कोहरा और खतरनाक स्तर पर पहुंचा वायु प्रदूषण लोगों की दिनचर्या पर असर डाल रहा है। सुबह के समय तापमान में भारी गिरावट देखी गई जिससे सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहा और लोग घरों में दुबकने को मजबूर हुए। ठंडी हवाओं के साथ कोहरे की चादर ने दृश्यता को बेहद कम कर दिया जिससे यातायात भी प्रभावित हुआ।
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अनुसार दिल्ली का वायु गुणवत्ता सूचकांक बेहद खराब श्रेणी में दर्ज किया गया। कई इलाकों में सांस लेना तक मुश्किल हो गया है। बुजुर्ग बच्चों और पहले से बीमार लोगों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है। अस्पतालों में सांस और एलर्जी से जुड़ी समस्याओं वाले मरीजों की संख्या बढ़ती दिख रही है।
मौसम विभाग ने आने वाले दिनों को लेकर भी चेतावनी जारी की है। विभाग के अनुसार आसमान में बादल छाए रहने की संभावना है और हल्की बारिश हो सकती है। सुबह और रात के समय घना कोहरा बने रहने की आशंका जताई गई है। इससे ठंड और बढ़ सकती है और लोगों की परेशानी में इजाफा हो सकता है।
नए साल के जश्न के बाद दिल्ली एनसीआर के लोग अब स्वास्थ्य और सुरक्षा को लेकर चिंतित नजर आ रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि प्रदूषण से बचने के लिए घर से बाहर निकलते समय मास्क का प्रयोग करें और अनावश्यक बाहर जाने से बचें। इसके साथ ही प्रशासन से भी प्रदूषण नियंत्रण के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की जा रही है।
्कुल मिलाकर नए साल की शुरुआत दिल्ली एनसीआर के लिए चुनौतियों भरी रही। ठंड कोहरा और प्रदूषण ने यह साफ कर दिया है कि आने वाले समय में पर्यावरण और स्वास्थ्य के मुद्दों पर गंभीर ध्यान देना बेहद जरूरी है।