नई दिल्ली :- देश की राजनीति से एक अनुभवी और लंबे समय तक सक्रिय रहे नेता का अध्याय समाप्त हो गया है। पूर्व केंद्रीय मंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सुरेश कलमाड़ी का लंबी बीमारी के बाद 81 वर्ष की आयु में निधन हो गया। उन्होंने पुणे के दीनानाथ मंगेशकर अस्पताल में अंतिम सांस ली। उनके निधन की खबर फैलते ही राजनीतिक जगत में शोक की लहर दौड़ गई और कई दलों के नेताओं ने गहरा दुख व्यक्त किया।
सुरेश कलमाड़ी भारतीय राजनीति में एक जाना पहचाना नाम रहे हैं। उन्होंने कई दशकों तक सक्रिय राजनीति की और केंद्र सरकार में मंत्री के रूप में भी अपनी जिम्मेदारियां निभाईं। पुणे से उनका विशेष जुड़ाव रहा और उन्होंने शहर के विकास से जुड़े कई मुद्दों पर मुखर भूमिका निभाई। उनके समर्थक उन्हें एक मजबूत जननेता के रूप में याद करते हैं जो आम लोगों की समस्याओं को संसद तक पहुंचाने का प्रयास करते रहे।
लंबे समय से अस्वस्थ चल रहे सुरेश कलमाड़ी को हाल ही में अस्पताल में भर्ती कराया गया था। डॉक्टरों की तमाम कोशिशों के बावजूद उनकी हालत में सुधार नहीं हो सका और अंततः उनका निधन हो गया। परिवार के अनुसार उनका अंतिम संस्कार आज पुणे में पूरे विधि विधान के साथ किया जाएगा। इस दौरान राजनीतिक सामाजिक और खेल जगत से जुड़ी कई हस्तियों के शामिल होने की संभावना है।
उनके निधन पर कांग्रेस पार्टी ने शोक व्यक्त करते हुए कहा कि पार्टी ने एक वरिष्ठ मार्गदर्शक और अनुभवी नेता को खो दिया है। पार्टी नेताओं ने उनके योगदान को याद करते हुए कहा कि सुरेश कलमाड़ी ने संगठन को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। अन्य राजनीतिक दलों के नेताओं ने भी उनके निधन को देश के लिए क्षति बताया।
सुरेश कलमाड़ी का जीवन उतार चढ़ाव से भरा रहा लेकिन उन्होंने सार्वजनिक जीवन में लंबा सफर तय किया। उनके जाने से राजनीति में एक खालीपन महसूस किया जाएगा। पुणे समेत पूरे देश में उनके समर्थक और परिचित उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित कर रहे हैं और उनके योगदान को याद कर रहे हैं।