पाइपलाइन और सीवरेज का काम पूरा होने के बाद सड़कों की नहीं हुई मरम्मत; निवासियों का दावा- फंड की कमी के चलते 1.25 करोड़ रुपये का एस्टीमेट भी हुआ रद्द
अमृतसर, 25 सितंबर (के.एल. जीत वालिया)। लोहाकरका रोड स्थित इम्पीरियल सिटी कॉलोनी की टूटी सड़कों और बुनियादी सुविधाओं की समस्या को लेकर कॉलोनीवासियों में नाराजगी है। निवासियों का कहना है कि पाइपलाइन, बोरवेल और पानी की टंकी से जुड़े कार्यों के दौरान सड़कों को खोदा गया था, लेकिन काम पूरा होने के बाद सड़कों की दोबारा मरम्मत नहीं की गई। इसके चलते पिछले कई महीनों से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
कॉलोनीवासियों के अनुसार, ‘इंडिया पंजाब रूरल वाटर एंड सैनिटेशन सेक्टर इंप्रूवमेंट प्रोजेक्ट’ के तहत इलाके में बोरवेल, पानी की टंकी और पाइपलाइन बिछाने का काम शुरू किया गया था। इस दौरान कॉलोनी की सड़कों को खोदा गया। निवासियों का आरोप है कि काम पूरा होने के बावजूद सड़कों की मरम्मत नहीं की गई और रास्ते बदहाल स्थिति में पड़े हैं।
मुख्यमंत्री कार्यालय तक पहुंची शिकायतें
निवासियों ने बताया कि समस्या के समाधान के लिए मुख्यमंत्री कार्यालय सहित संबंधित अधिकारियों को कई बार शिकायतें भेजी जा चुकी हैं। उन्होंने सरकारी हेल्पलाइन 1100 पर भी ग्रिवांस नंबर 20260829731 और 20260898239 के तहत शिकायतें दर्ज होने का दावा किया।
उनके मुताबिक, शिकायतें उच्च अधिकारियों और अमृतसर के डिप्टी कमिश्नर तक भेजे जाने के बावजूद जमीनी स्तर पर समस्या का समाधान नहीं हो सका।
1.25 करोड़ रुपये के एस्टीमेट पर भी नहीं बनी बात
कॉलोनीवासियों के अनुसार, नगर निगम के अधिकारी रणधीर सिंह ने इलाके का दौरा कर मुख्य सड़कों के निर्माण के लिए करीब 1.25 करोड़ रुपये का एस्टीमेट तैयार करके सरकार को भेजा था।
हालांकि, अब अधिकारियों की ओर से फंड उपलब्ध नहीं होने के कारण टेंडर रद्द होने की बात कही जा रही है। निवासियों का दावा है कि पिछले 8-9 महीनों से उन्हें फंड आने का भरोसा दिया जा रहा है, लेकिन सड़कों की स्थिति जस की तस बनी हुई है।
12 साल का प्रॉपर्टी और सीवरेज टैक्स भरने का दावा
मामला उस समय और गंभीर हो गया जब कॉलोनीवासियों ने स्थानीय निकाय विभाग के अधिकारियों से संपर्क किया। निवासियों के मुताबिक, अधिकारी अनुदीपक सिंह की ओर से कहा गया कि इम्पीरियल सिटी नगर निगम के अधीन नहीं आती।
इस पर कॉलोनीवासियों ने सवाल उठाया कि यदि कॉलोनी नगर निगम के अधीन नहीं है तो यहां से प्रॉपर्टी टैक्स और सीवरेज टैक्स कैसे वसूला गया?
निवासियों ने दावा किया कि पिछले वर्ष स्थानीय निकाय विभाग की ओर से लगाए गए विशेष कैंप के दौरान उन्होंने एक साथ 12 साल का प्रॉपर्टी टैक्स और सीवरेज टैक्स जमा किया था। उन्होंने बताया कि यह मामला अधिकारी के संज्ञान में लाने के बाद जांच कराने का आश्वासन दिया गया।
‘टैक्स लिया जा रहा है तो सुविधाएं भी दी जाएं’
कॉलोनीवासियों ने पंजाब सरकार और जिला प्रशासन से मांग की है कि लोगों द्वारा दिए जा रहे टैक्स को देखते हुए इम्पीरियल सिटी की सड़कों के पुनर्निर्माण के लिए आवश्यक फंड तत्काल जारी किए जाएं। उन्होंने कहा कि टूटी सड़कों के कारण आवागमन और रोजमर्रा का जीवन प्रभावित हो रहा है।
निवासियों ने चेतावनी दी कि यदि समस्या का जल्द समाधान नहीं किया गया तो वे अपने अधिकारों के लिए संघर्ष करने को मजबूर होंगे। उन्होंने प्रशासन से पूरे मामले की जांच कर जिम्मेदारी तय करने और सड़कों की दोबारा मरम्मत का काम बिना किसी और देरी के शुरू कराने की मांग की।