मानदेय कर्मचारियों ने अमृतसर में मुख्यमंत्री भगवंत मान का पुतला फूंका

‘आप’ सरकार पर मानदेय कर्मचारियों से किए वादे पूरे नहीं करने का आरोप

अमृतसर, 2 अक्टूबर (फुलजीत वरपाल): पंजाब सरकार द्वारा मानदेय कर्मचारियों का मानदेय दोगुना करने की गारंटी पूरी नहीं करने और अन्य मांगों की अनदेखी के विरोध में मानदेय वर्कर्स साझा मोर्चा के आह्वान पर अमृतसर और अजनाला तहसीलों की मिड-डे मील तथा आशा वर्करों ने शुक्रवार को डिप्टी कमिश्नर कार्यालय के बाहर रोष रैली की। इसके बाद प्रदर्शनकारियों ने पंजाब सरकार के खिलाफ विरोध जताते हुए मुख्यमंत्री भगवंत मान का पुतला फूंका। इस प्रदर्शन और पुतला फूंकने की घटना की रिपोर्ट द ट्रिब्यून ने भी की है।

इस मौके पर एकत्रित मानदेय वर्करों को संबोधित करते हुए ममता शर्मा और सरबजीत कौर छज्जलवाड़ी ने आरोप लगाया कि विधानसभा चुनाव से पहले आम आदमी पार्टी ने मिड-डे मील और आशा वर्करों को मिल रहे मानदेय को दोगुना करने का वादा किया था। उन्होंने कहा कि सरकार बनने के बाद यह वादा पूरा नहीं किया गया और काफी समय बीत जाने के बावजूद मानदेय में अपेक्षित बढ़ोतरी नहीं की गई। 2 अक्टूबर को पंजाब के अन्य क्षेत्रों में भी आशा और मिड-डे मील वर्करों के इसी मुद्दे पर प्रदर्शन की खबरें सामने आईं।

आंदोलनकारी नेताओं ने कहा कि मानदेय कर्मचारियों को न्यूनतम मजदूरी के अनुसार मेहनताना देने तथा आशा और मिड-डे मील वर्करों को सेवानिवृत्ति के समय वित्तीय लाभ देने सहित कई मांगें लंबे समय से लंबित हैं। उनका कहना था कि इन मांगों को लेकर कर्मचारियों में रोष बढ़ रहा है और इसी के तहत पंजाब भर में सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किए जा रहे हैं।

मानदेय मोर्चे की नेताओं गुरवंत कौर लोपोके, बलजिंदर कौर वेरका, खुशबू अमृतसर, कवलजीत कौर लश्करी नंगल, कुलबीर कौर रामदास, हरजीत कौर अजनाला, परमजीत कौर लहिरका, राजविंदर कौर जेठूवाल, दलजीत कौर वेरका, हरजीत कौर छेहरटा, निर्मल कौर लोपोके, जसपाल कौर निजामपुर, सुखवंत कौर अमृतसर, जसपाल कौर इस्लामाबाद, राजविंदर कौर बंडाला और निर्मल कौर फैजपुरा ने सरकार से मांग की कि मानदेय कर्मचारियों का भत्ता तत्काल दोगुना किया जाए और पिछले साढ़े चार वर्षों का बकाया जारी किया जाए।

उन्होंने यह भी मांग की कि सभी स्कीम वर्करों को न्यूनतम मजदूरी के दायरे में लाया जाए तथा सेवानिवृत्ति के समय आशा और मिड-डे मील वर्करों को 5 लाख रुपये ग्रेच्युटी और 9 हजार रुपये प्रतिमाह पेंशन दी जाए। इसके अलावा स्कीम वर्करों के लिए ईएसआई और ईपीएफ की सुविधा लागू करने की मांग भी उठाई गई।

पंजाब सरकार ने अलग से 1 मई 2026 से निर्धारित रोजगारों के लिए न्यूनतम मजदूरी की दरों में संशोधन किया है। हालांकि, प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों की मांग विशेष रूप से स्कीम वर्करों को न्यूनतम मजदूरी के दायरे में लाने और उनके मानदेय में वृद्धि से संबंधित है।

इस मौके पर डेमोक्रेटिक एम्प्लॉइज फेडरेशन की ओर से जरमनजीत सिंह और अश्विनी अवस्थी ने भी संबोधित किया और मानदेय कर्मचारियों की मांगों का समर्थन किया।

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