श्री गुरु नानक देव जी के प्रकाश पर्व, माता साहिब कौर जी के जन्मदिवस और शहीदों की स्मृति को समर्पित होगा धार्मिक समागम
अमृतसर, 13 अक्टूबर (फुलजीत सिंह वरपाल)। बब्बरों की हाईकोर्ट के नाम से प्रसिद्ध गुरुद्वारा शहीदां, गांव जस्सोवाल में हर वर्ष की तरह इस बार भी 1 नवंबर को गुरमत समागम आयोजित किया जाएगा।
गुरुद्वारा साहिब के मुख्य प्रबंधक श्रीमान संत बाबा चरणजीत सिंह जी जस्सोवाल, दमदमी टकसाल के सदस्य, शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के सदस्य तथा अंतरराष्ट्रीय मुख्य प्रवक्ता पंथक अकाली दल ने जानकारी देते हुए बताया कि श्री गुरु नानक देव साहिब जी के प्रकाश पर्व, माता साहिब कौर जी के जन्मदिवस और समस्त शहीदों की स्मृति को समर्पित 30वां गुरमत समागम रविवार, 1 नवंबर को गुरुद्वारा शहीदां जस्सोवाल (बीहड़ा), जिसे बब्बरों की हाईकोर्ट कहा जाता है, में आयोजित किया जाएगा। यह समागम क्षेत्रवासियों और देश-विदेश में रहने वाली समस्त संगत के सहयोग से हर वर्ष की तरह इस बार भी बड़ी श्रद्धा और भक्ति भावना के साथ करवाया जाएगा।
संत बाबा चरणजीत सिंह जी ने बताया कि जोड़ मेले के संबंध में 20 अक्टूबर से श्री अखंड पाठ साहिब की श्रृंखला आरंभ की जाएगी, जो लगातार 13 दिनों तक चलेगी। इसकी समाप्ति रविवार, 1 नवंबर को होगी। इसके बाद सुबह 10 बजे से शाम 3 बजे तक खुले पंडाल में धार्मिक दीवान सजाए जाएंगे। इस दौरान पंथ के प्रसिद्ध रागी, ढाडी, कविशर और गुरुद्वारा साहिब के कीर्तनीये गुरबाणी कीर्तन एवं गुरु की महिमा का गायन कर संगत को निहाल करेंगे।
उन्होंने बताया कि समागम के दौरान श्री अकाल तख्त साहिब के पूर्व जत्थेदार सिंह साहिब ज्ञानी जसवीर सिंह रोडे विशेष रूप से पहुंचकर संगत को दर्शन देंगे और धार्मिक कथा-विचार साझा करेंगे।
संत जस्सोवाल ने बताया कि जोड़ मेले में सिंह साहिबान, संत-महापुरुष, किसान संगठनों, निहंग सिंह संगठनों के नेता, शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के सदस्य, निर्मले, उदासी, किसान, धार्मिक और राजनीतिक नेता भी शामिल होंगे। इसके अलावा अंतरराष्ट्रीय पंथक अकाली दल के ब्रिटेन (यूके) और भारत के सभी पदाधिकारी भी समागम में पहुंचेंगे।
इस मुख्य समागम का सीधा प्रसारण आज दी आवाज, आवाज-ए-कौम टीवी और अन्य चैनलों पर किया जाएगा।
अंत में श्रीमान संत बाबा चरणजीत सिंह जस्सोवाल ने देश-विदेश की समस्त संगत से अपील की कि वे गुरुद्वारा साहिब में चल रही कार सेवा में तन-मन-धन से सहयोग करें और अपने परिवारों सहित समागम में पहुंचकर गुरु घर की खुशियां प्राप्त करें।
समागम के दौरान गुरु का लंगर तथा चाय-पकौड़ों का लंगर निरंतर वितरित किया जाएगा।