नशा तस्करों को दोटूक चेतावनी, लोगों के सहयोग से शुरू होगा बड़ा संघर्ष
अमृतसर, 15 अक्टूबर (के. एल. जीत वालिया)।
अमृतसर के वेरका क्षेत्र के प्रमुख समाजसेवी और पूर्व पार्षद मास्टर हरपाल सिंह वेरका लंबी बीमारी से उबरने के बाद एक बार फिर समाज सेवा के कार्यों में सक्रिय हो गए हैं। लोगों की समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर उठाने और सामाजिक मुद्दों पर आवाज बुलंद करने के लिए पहचाने जाने वाले मास्टर हरपाल सिंह वेरका ने परमिंदर झोटे की मौत के बाद पंजाब बंद के आह्वान के दौरान वेरका में दुकानदारों से अपनी दुकानें बंद रखने की अपील की। इस दौरान उन्होंने नशे के कारोबार के खिलाफ कड़ा रुख अपनाते हुए नशा तस्करों को स्पष्ट चेतावनी दी।
मास्टर हरपाल सिंह वेरका ने कहा कि वेरका क्षेत्र में नशे की आपूर्ति और बिक्री का काम तुरंत बंद होना चाहिए। यदि नशे का कारोबार बंद नहीं किया गया, तो क्षेत्रवासियों के सहयोग से इसके खिलाफ बड़ा संघर्ष शुरू किया जाएगा। उन्होंने कहा कि नशे की समस्या केवल किसी एक परिवार तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पूरे समाज और आने वाली पीढ़ियों के भविष्य से जुड़ा गंभीर मुद्दा है।
बच्चों के जीवन और भविष्य से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं
मास्टर हरपाल सिंह वेरका ने कड़े शब्दों में कहा कि नशे का कारोबार करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि नशे के कारण अनेक परिवार प्रभावित हो रहे हैं और युवाओं का भविष्य खतरे में पड़ रहा है। समाज के प्रत्येक जिम्मेदार नागरिक का कर्तव्य है कि वह इस बुराई के खिलाफ आवाज उठाए और बच्चों को नशे से बचाने के लिए एकजुट होकर प्रयास करे।
उन्होंने स्पष्ट किया कि वेरका की धरती पर नशे का कारोबार किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। किसी को भी बच्चों के जीवन और भविष्य के साथ खिलवाड़ करने की अनुमति नहीं दी जा सकती। उन्होंने क्षेत्रवासियों से अपील की कि वे नशे के खिलाफ एकजुट हों और अपने इलाके को इस बुराई से मुक्त कराने में अपनी जिम्मेदारी निभाएं।
बीमारी से उबरकर दोबारा जनसेवा के मैदान में उतरे
उल्लेखनीय है कि मास्टर हरपाल सिंह वेरका लंबे समय से समाज सेवा और क्षेत्र के लोगों की समस्याओं को उठाने के लिए जाने जाते हैं। बीमारी के कारण कुछ समय तक सक्रिय सामाजिक गतिविधियों से दूर रहने के बाद उनका दोबारा जनसेवा में सक्रिय होना क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
उन्होंने कहा कि नशे के खिलाफ लड़ाई किसी एक व्यक्ति या संगठन की नहीं, बल्कि पूरे समाज की साझा जिम्मेदारी है। जब तक आम लोग जागरूक होकर इस बुराई के खिलाफ एकजुट नहीं होंगे, तब तक इस समस्या को पूरी तरह समाप्त करना मुश्किल होगा।
उन्होंने लोगों से अपील की कि वे अपने आसपास होने वाली संदिग्ध गतिविधियों के प्रति सतर्क रहें और नशे के खिलाफ कानूनी तथा शांतिपूर्ण तरीके से आवाज उठाएं।
विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधि और दुकानदार रहे मौजूद
इस अवसर पर मुस्तारका मालकान कमेटी के प्रधान हरपाल सिंह दोधी, बाबा पुन्ना जी, सिमरजीत सिंह, ऑटो यूनियन के सदस्य और दुकानदार एसोसिएशन के प्रतिनिधि मौजूद रहे। बैठक के दौरान नशे के खिलाफ जागरूकता फैलाने और युवा पीढ़ी को इस बुराई से बचाने की आवश्यकता पर जोर दिया गया।
मास्टर हरपाल सिंह वेरका ने दोहराया कि क्षेत्र में नशे के कारोबार को रोकने के लिए लोगों के सहयोग से हरसंभव प्रयास किया जाएगा। उन्होंने कहा कि क्षेत्र की शांति, युवाओं के सुरक्षित भविष्य और परिवारों की खुशहाली के लिए नशे के खिलाफ एकजुट होकर संघर्ष करना समय की सबसे बड़ी जरूरत है।