31 वर्षीय रमनदीप कुमार की 27 जुलाई को दुबई में अचानक हृदयाघात से हुई थी मौत
डॉ. ओबराय अब तक विदेशों से करीब 480 लोगों के पार्थिव शरीर उनके परिजनों तक पहुंचाने में कर चुके हैं मदद
अमृतसर, 7 नवंबर (के.एल. जीत वालिया): खाड़ी देशों में भारतीयों की मदद के लिए मानवता के मसीहा के रूप में पहचाने जाने वाले दुबई के प्रसिद्ध कारोबारी एवं सरबत दा भला चैरिटेबल ट्रस्ट के संरक्षक डॉ. एस.पी. सिंह ओबराय के प्रयासों से लुधियाना निवासी 31 वर्षीय रमनदीप कुमार का पार्थिव शरीर दुबई से श्री गुरु रामदास जी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे, अमृतसर पहुंचाया गया।
इस संबंध में जानकारी देते हुए डॉ. ओबराय ने बताया कि रमनदीप कुमार पुत्र सुरिंदर कुमार अपने बुजुर्ग माता-पिता का सहारा था। बेहतर भविष्य और रोजगार की तलाश में वह अन्य युवाओं की तरह करीब तीन साल पहले दुबई गया था। दुर्भाग्यवश बीती 27 जुलाई को अचानक दिल का दौरा पड़ने से उसकी मौत हो गई।
डॉ. ओबराय के अनुसार, इस दुखद घटना की जानकारी मिलने के बाद अमेरिका में रह रही रमनदीप की बहन ने उनसे संपर्क किया और परिवार पर आई इस विपदा के बारे में बताया। इसके बाद उन्होंने अपने निजी सचिव बलदीप सिंह चहल की देखरेख में सभी आवश्यक कागजी कार्रवाई पूरी करवाई। भारतीय दूतावास के महत्वपूर्ण सहयोग से रमनदीप का पार्थिव शरीर अमृतसर हवाई अड्डे तक पहुंचाया गया।
हवाई अड्डे पर पार्थिव शरीर पहुंचने के बाद ट्रस्ट के पंजाब अध्यक्ष सुखजिंदर सिंह हेर और मनप्रीत सिंह संधू की देखरेख में ट्रस्ट की निःशुल्क एंबुलेंस सेवा के माध्यम से उसे लुधियाना स्थित उसके घर तक पहुंचाया गया।
डॉ. ओबराय ने यह भी बताया कि रमनदीप के पार्थिव शरीर को भारत भेजने में आया खर्च भारतीय दूतावास की ओर से वहन किया गया।
अमृतसर हवाई अड्डे पर रमनदीप का पार्थिव शरीर लेने पहुंचे उसके भाइयों अजय कुमार और अश्वनी कुमार सहित पूरे परिवार ने इस मानवीय प्रयास के लिए डॉ. एस.पी. सिंह ओबराय का विशेष रूप से आभार जताया। परिवार के सदस्यों ने कहा कि डॉ. ओबराय के प्रयासों के कारण ही उन्हें अपने प्रियजन के अंतिम दर्शन करने का अवसर मिल सका।
उल्लेखनीय है कि डॉ. ओबराय के प्रयासों से अब तक विदेशों में जान गंवाने वाले करीब 480 लोगों के पार्थिव शरीर भारत लाकर उनके परिजनों तक पहुंचाए जा चुके हैं।