चोगावां, 22 मई (बागी) – यूनाइटेड किंगडम की सुरक्षित और कानूनी यात्रा को बढ़ावा देने तथा वीजा धोखाधड़ी के प्रति जागरूकता फैलाने के अपने लगातार प्रयासों के तहत ब्रिटिश हाई कमीशन ने अपने ‘वीजा फ्रॉड से बचें’ अभियान के अंतर्गत सरकारी औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई), लोपोके, अमृतसर में एक सामुदायिक जागरूकता सत्र आयोजित किया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं, विद्यार्थियों और स्थानीय समुदाय को वीजा धोखाधड़ी और अवैध प्रवास से जुड़े खतरों के प्रति जागरूक करना था।
ब्रिटिश डिप्टी हाई कमिश्नर चंडीगढ़ अल्बा स्मेरिग्लियो इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। सत्र के दौरान ब्रिटिश हाई कमीशन के वरिष्ठ सलाहकार राजिंदर एस. नागरकोटी ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए बताया कि किस प्रकार ठग विदेश यात्रा से जुड़े झूठे वादों, फर्जी दस्तावेजों और भ्रामक जानकारी के जरिए लोगों को ठगते हैं। उन्होंने अवैध प्रवास के गंभीर परिणामों पर प्रकाश डालते हुए केवल अधिकृत और वास्तविक वीजा प्रक्रिया अपनाने की आवश्यकता पर जोर दिया।
प्रतिभागियों को यात्रा और प्रवास से संबंधित जानकारी के लिए केवल आधिकारिक और विश्वसनीय स्रोतों पर भरोसा करने की सलाह दी गई। प्रिंसिपल जतिंदर सिंह, आईएमसी सदस्य रिपुन गुप्ता, टीओ अजीतपाल सिंह, कैप्टन तलविंदर सिंह, मनदीप सिंह (वायरमैन इंस्ट्रक्टर), सुपरिटेंडेंट राजीव कुमार तथा कार्यक्रम की मेजबान सिमरनजीत कौर (कोपा इंस्ट्रक्टर) सहित पूरे स्टाफ और विद्यार्थियों ने ब्रिटिश हाई कमीशन के प्रतिनिधिमंडल का स्वागत किया और जागरूकता सत्र आयोजित करने के लिए धन्यवाद दिया।
टीम ने ब्रिटिश हाई कमीशन के विशेष व्हाट्सऐप चैटबॉट की जानकारी भी साझा की, जो अंग्रेजी, हिंदी और पंजाबी में यूके यात्रा संबंधी प्रमाणित मार्गदर्शन प्रदान करता है। यह चैटबॉट लोगों को धोखाधड़ी की पहचान करने और कानूनी प्रवास के रास्तों को समझने में मदद करता है। इसके अलावा नागरिक वीजा प्रक्रिया, धोखाधड़ी से बचाव और सुरक्षित प्रवास से जुड़ी जानकारी व्हाट्सऐप हेल्पलाइन नंबर +91 70652 51380 के माध्यम से भी प्राप्त कर सकते हैं।वीजा फ्रॉड से बचें’ अभियान के माध्यम से ब्रिटिश हाई कमीशन उत्तर भारत में शैक्षणिक संस्थानों, सामुदायिक संगठनों और स्थानीय भागीदारों के साथ मिलकर लोगों को धोखाधड़ी से बचाने, सुरक्षित यात्रा को बढ़ावा देने और कानूनी प्रवास प्रणालियों के प्रति जागरूकता मजबूत करने का कार्य लगातार जारी रखे हुए है।