अमृतसर, 24 मई (कमल शमशेर सिंह) – अमृतसर स्थित गुरुद्वारा शहीदगंज बाबा दीप सिंह जी में रविवार को एक दर्दनाक हादसा हो गया। गुरुद्वारा परिसर में निर्माणाधीन लंगर हॉल का लेंटर अचानक गिर जाने से सेवा कर रही 2 श्रद्धालु महिलाओं की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि कई महिलाएं घायल हो गईं। घायलों को तुरंत उपचार के लिए श्री गुरु रामदास चैरिटेबल अस्पताल में भर्ती करवाया गया, जहां उनका इलाज जारी है जानकारी के अनुसार, शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी द्वारा गुरुद्वारा शहीदां साहिब परिसर में बहुमंजिला पार्किंग और विशाल लंगर हॉल का निर्माण कार्य करवाया जा रहा है। इस निर्माण कार्य की कार सेवा बाबा कश्मीर सिंह भूरीवालों को सौंपी गई है। रविवार को निर्माणाधीन लंगर हॉल में सेवा कार्य चल रहा था, जिसमें कई श्रद्धालु महिलाएं स्वेच्छा से सेवा कर रही थी इसी दौरान अचानक लेंटर की लोहे की शटरिंग प्लेटें टूटकर नीचे गिर गईं। हादसा इतना भयावह था कि वहां मौजूद महिलाएं मलबे और लोहे की प्लेटों के नीचे दब गईं। घटना के तुरंत बाद गुरुद्वारा परिसर में अफरा-तफरी मच गई और संगत ने राहत कार्य शुरू किया। मौके पर मौजूद एक श्रद्धालु ने बताया कि हर रविवार को यहां ‘जपजी साहिब’ का पाठ होता है और बड़ी संख्या में श्रद्धालु सेवा में हिस्सा लेते हैं। उन्होंने बताया कि अचानक जोरदार धमाके जैसी आवाज सुनाई दी। जब लोग घटनास्थल की ओर दौड़े तो देखा कि लगभग 8 से 9 महिलाएं लोहे की प्लेटों के नीचे फंसी हुई थीं।संगत और सेवादारों की मदद से सभी घायलों को बाहर निकाला गया और अलग-अलग अस्पतालों में पहुंचाया गया। हालांकि तब तक दो महिलाओं की मौत हो चुकी थी।घटना की सूचना मिलते ही पुलिस प्रशासन मौके पर पहुंच गया। अमृतसर की एसपी अमनदीप कौर ने अस्पताल पहुंचकर घायलों का हालचाल जाना और डॉक्टरों से बातचीत की। उन्होंने कहा कि सभी घायलों का इलाज जारी है और अस्पताल में डॉक्टरों की विशेष टीम तैनात की गई इस दुखद हादसे पर हरजिंदर सिंह धामी ने गहरा शोक व्यक्त किया। उन्होंने घटनास्थल का दौरा करने के बाद अस्पताल पहुंचकर घायलों का हाल जाना। इस दौरान उन्होंने मृतक महिलाओं के परिवारों को 2-2 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने का ऐलान किया।इसके अलावा, हादसे में घायल सभी महिलाओं का इलाज शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी की ओर से मुफ्त करवाने की घोषणा भी की गई। इस हादसे के बाद पूरे इलाके में शोक की लहर फैल गई है। गुरुद्वारा परिसर में मौजूद श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों ने घटना पर गहरा दुख जताया है। वहीं प्रशासन द्वारा हादसे के कारणों की जांच शुरू कर दी गई है।