साहित्य विज्ञान केंद्र चंडीगढ़ द्वारा त्रिभाषी कवि दरबार का आयोजन

चंडीगढ़, 6 जून (के.एल. जीत वालिया): साहित्य विज्ञान केंद्र चंडीगढ़ द्वारा सेक्टर-43 स्थित कम्युनिटी सेंटर में एक विशेष साहित्यिक गोष्ठी एवं त्रिभाषी कवि दरबार का आयोजन किया गया।

 

कार्यक्रम के अध्यक्ष मंडल में श्रीमती प्रेम लता (पार्षद), श्री के.के. शारदा (अध्यक्ष, खादी सेवा संघ), वरिष्ठ साहित्यकार श्री प्रेम विज, वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. अवतार सिंह पतंग तथा केंद्र के अध्यक्ष गुरदर्शन सिंह मावी शामिल थे।

 

गुरदर्शन सिंह मावी ने सभी अतिथियों और साहित्यकारों का स्वागत करते हुए समाज में साहित्यकारों के योगदान की सराहना की। इस अवसर पर प्रसिद्ध हिंदी कवि डॉ. चंद्र त्रिखा की धर्मपत्नी तथा चमकौर साहिब के पत्रकार एवं लेखक स्वर्ण सिंह भंगू को दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि अर्पित की गई।

 

कार्यक्रम की शुरुआत प्रेम विज द्वारा कविता पाठ और साहित्यिक आयोजनों के महत्व पर प्रकाश डालने के साथ हुई। प्रताप पारस ने अपनी ग़ज़ल की सुरमयी प्रस्तुति देकर श्रोताओं का मन मोह लिया।

 

हिंदी कवियों डॉ. संगीता शर्मा कुंद्रा, विमला गुगलानी, डॉ. निर्मल सूद, डॉ. विनोद शर्मा, विजय कपूर, हरिंदर सिन्हा और राजिंदर कौर ने सामाजिक सरोकारों से जुड़ी प्रभावशाली कविताओं का पाठ किया।

 

पंजाबी साहित्यकार रतन बाबकवाला (तुम्बी के साथ), सरबजीत सिंह पड्डा, गुरदास सिंह दास (तुम्बी के साथ), दविंदर कौर ढिल्लों, लाभ सिंह लहली (तुम्बी के साथ) और भरपूर सिंह ने अपने लिखे हुए सुंदर गीत प्रस्तुत किए, जिन्हें श्रोताओं ने खूब सराहा।

 

गुरदर्शन सिंह मावी, बलविंदर सिंह ढिल्लों, रमणदीप कौर रमणीक, नरेंद्र कौर लोंगिया और प्यारा सिंह राही ने भी अपनी ग़ज़लों और कविताओं से कार्यक्रम को साहित्यिक रंग प्रदान किया।

 

अपने संबोधन में प्रेम लता ने कहा कि उनकी सेवाएं हमेशा साहित्यकारों को समर्पित रहेंगी। उन्होंने कहा कि साहित्यकार देश की संस्कृति, इतिहास और परंपराओं को जीवित रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

 

के.के. शारदा ने कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा कि हिंदी, पंजाबी, उर्दू और अंग्रेज़ी साहित्य को एक मंच पर प्रस्तुत करने वाले ऐसे कार्यक्रम सामाजिक और सांस्कृतिक सौहार्द को मजबूत करते हैं।

 

कार्यक्रम के अंत में डॉ. अवतार सिंह पतंग ने सभी प्रतिभागियों का धन्यवाद किया और कहा कि “शब्द” ही वह शक्ति है जिसने हम सभी को एक-दूसरे से जोड़कर रखा है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *