श्री फतेहगढ़ साहिब से शुरू हुआ अभियान करीमपुरा में पौधारोपण के साथ संपन्न
श्री फतेहगढ़ साहिब, 28 जुलाई (जे.एस. खन्ना):
हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी स्वर्गीय विक्की मिड्डूखेड़ा की स्मृति में देशभर में पौधारोपण अभियान चलाया गया। इस अभियान की शुरुआत श्री फतेहगढ़ साहिब में अरदास के साथ हुई और समापन गांव करीमपुरा में पौधे लगाकर तथा दशम पातशाह के चरणों में अरदास करके किया गया।
इस अवसर पर अमलोह से भाजपा के वरिष्ठ नेता जगदीप सिंह चीमा ने कहा कि विक्की मिड्डूखेड़ा की स्मृति में हर वर्ष यह पौधारोपण अभियान आयोजित किया जाता है। इसका उद्देश्य उनकी याद को जीवित रखना और समाज में पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता फैलाना है।
उन्होंने बताया कि विक्की मिड्डूखेड़ा उनके पुत्र गुरमीत सिंह चीमा के घनिष्ठ मित्र और परिवार के लिए बड़े भाई समान थे। उनकी याद में उनके निवास पर एक विशेष श्रद्धांजलि कार्यक्रम भी आयोजित किया गया।
जगदीप चीमा ने कहा कि पौधारोपण केवल पेड़ लगाने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ, स्वस्थ और हरित पर्यावरण की नींव रखने का महत्वपूर्ण प्रयास है। उन्होंने कहा कि यह अभियान लोगों को प्रकृति से जुड़ने और पर्यावरण संरक्षण की जिम्मेदारी निभाने के लिए प्रेरित कर रहा है।
उन्होंने लोगों से अधिक से अधिक पौधे लगाने और उनकी देखभाल करने की अपील करते हुए कहा कि पर्यावरण संरक्षण को प्रत्येक व्यक्ति अपनी नैतिक जिम्मेदारी समझे।
अजेपाल मिड्डूखेड़ा की विशेष भागीदारी के लिए उनका धन्यवाद करते हुए उन्होंने कहा कि उनकी उपस्थिति ने इस अभियान को और अधिक सार्थक बना दिया। साथ ही उन्होंने सभी बुजुर्गों, युवाओं और स्थानीय नागरिकों का भी आभार व्यक्त किया, जिनके सहयोग से यह अभियान सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।
उन्होंने कहा कि स्वर्गीय विक्की मिड्डूखेड़ा की स्मृति में यह अभियान भविष्य में भी लगातार जारी रहेगा, ताकि उनकी याद को जीवित रखने के साथ-साथ समाज और पर्यावरण की सेवा भी की जा सके।
कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने स्वर्गीय विक्की मिड्डूखेड़ा को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए अधिक से अधिक पौधे लगाने और धरती को हरा-भरा बनाने का संकल्प लिया। कार्यक्रम के दौरान भावुक माहौल के साथ पर्यावरण संरक्षण के प्रति लोगों में विशेष उत्साह देखने को मिला।
इस अवसर पर बड़ी संख्या में राजनीतिक नेता, समाजसेवी, अधिवक्ता, ग्राम प्रतिनिधि और स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।