अमृतसर, 1 अगस्त (के.एल. जीत वालिया):केस संभाल प्रचार संस्था के प्रमुख, चीफ खालसा दीवान के सदस्य तथा सेवानिवृत्त मुख्य आयकर आयुक्त सरदार सुरिंदरजीत सिंह पाल द्वारा तैयार की गई श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की अंग्रेज़ी व्याख्या के दूसरे भाग “My Spiritual Voyage Through World Divine Sri Guru Granth Sahib Ji” का लोकार्पण आज श्री गुरु हरिकृष्ण पब्लिक स्कूल, जी.टी. रोड, अमृतसर स्थित कलगीधर ऑडिटोरियम में आयोजित समारोह के दौरान किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता चीफ खालसा दीवान के अध्यक्ष डॉ. इंदरबीर सिंह निज्जर ने की।
इस अवसर पर डॉ. इंदरबीर सिंह निज्जर ने कहा कि श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के सर्व मानव कल्याण और सार्वभौमिक भाईचारे के संदेश को पूरी दुनिया तक पहुँचाने के लिए सुरिंदरजीत सिंह पाल का यह प्रयास अत्यंत सराहनीय है। उन्होंने कहा कि इस पुस्तक के माध्यम से विदेशों में रहने वाले तथा पंजाबी भाषा से अपरिचित पाठक भी गुरबाणी के गूढ़ अर्थों और शिक्षाओं को आसानी से समझ सकेंगे।
कार्यक्रम में चीफ खालसा दीवान के उपाध्यक्ष संतोख सिंह सेठी एवं कुलजीत सिंह साहनी, मानद सचिव रमणीक सिंह, अतिरिक्त मानद सचिव जसपाल सिंह ढिल्लों, रबिंदरबीर सिंह भल्ला, राजिंदर सिंह मरवाहा, डॉ. संतोख सिंह, मनप्रीत सिंह, सरजोत सिंह साहनी, डॉ. आत्मजीत सिंह बसरा, कुलविंदर सिंह मरवाहा, इंदरजीत सिंह अड़ी तथा एडवोकेट जसविंदर सिंह सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
गुरु नानक देव विश्वविद्यालय की डॉ. राजवीर कौर, जिन्होंने प्रकाशन से पूर्व पुस्तक की विद्वत्तापूर्ण समीक्षा की थी, भी समारोह में मौजूद रहीं।
रमणीक सिंह, राजिंदर सिंह मरवाहा तथा सुल्तान-उल-कौम सरदार जस्सा सिंह आहलूवालिया फेडरेशन के संयोजक हरपाल सिंह आहलूवालिया ने कहा कि श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी का सर्वव्यापी मानवता और “सरबत दा भला” का संदेश विश्व की प्रत्येक भाषा में पहुँचाया जाना समय की आवश्यकता है।
लेखक सरदार सुरिंदरजीत सिंह पाल ने उपस्थित संगत का धन्यवाद करते हुए बताया कि इस श्रृंखला का पहला भाग पिछले वर्ष गुरु नानक देव विश्वविद्यालय में लोकार्पित किया गया था, जबकि अब दूसरा भाग प्रकाशित हुआ है। उन्होंने जानकारी दी कि इस अंग्रेज़ी व्याख्या के कुल सात भाग प्रकाशित किए जाएंगे।
समारोह में ज्ञानी केवल सिंह, सरबजीत सिंह गुमटाला, हरप्रीत सिंह बेदी, जजबीर सिंह आहलूवालिया, डॉ. तजिंदर सिंह आहलूवालिया, दर्शन सिंह संधू, सुरिंदर सिंह आहलूवालिया, गुरपिंदर सिंह सहित बड़ी संख्या में धार्मिक, शैक्षणिक और सामाजिक क्षेत्र की प्रतिष्ठित हस्तियाँ उपस्थित रहीं।