परमल चावल का बढ़ता स्टॉक राइस उद्योग के लिए संकट, एथेनॉल फैक्ट्रियों को आपूर्ति तुरंत शुरू की जाए: राजिंदर सलवान

अमृतसर, 2 अगस्त (के.एल. जीत वालिया):राइस मिलर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष राजिंदर सलवान ने पंजाब के राइस उद्योग के सामने खड़ी गंभीर समस्याओं की ओर सरकार का ध्यान आकर्षित करते हुए कहा कि पंजाब के गोदामों में परमल चावल का भारी स्टॉक जमा है। पिछले डेढ़ से दो महीनों से एथेनॉल फैक्ट्रियों को चावल की आपूर्ति बंद होने के कारण गोदामों में भंडारण की गंभीर समस्या पैदा हो गई है, जिससे पूरा राइस उद्योग चिंता में है।

पत्रकारों से बातचीत करते हुए सलवान ने कहा कि धान की नई फसल आने का समय निकट है, लेकिन गोदाम पहले से ही परमल चावल से भरे हुए हैं। यदि समय रहते इस स्टॉक की निकासी नहीं हुई तो नई फसल की खरीद, भंडारण और मिलिंग प्रक्रिया प्रभावित होगी, जिससे केवल राइस मिलर्स ही नहीं बल्कि किसानों को भी नुकसान उठाना पड़ेगा।

उन्होंने कहा कि पहले परमल चावल का उपयोग एथेनॉल उत्पादन में किया जाता था, जिससे गोदामों में जमा अतिरिक्त स्टॉक लगातार कम होता रहता था। लेकिन पिछले कुछ समय से यह आपूर्ति बंद होने के कारण भंडारण व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित हो गई है और राइस उद्योग को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।

राजिंदर सलवान ने कहा कि राइस उद्योग पंजाब की अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है और इससे लाखों किसान, मजदूर, ट्रांसपोर्टर तथा अन्य कारोबारी जुड़े हुए हैं। इसलिए इस मुद्दे को किसी भी प्रशासनिक या नीतिगत देरी के कारण और गंभीर नहीं बनने देना चाहिए।

उन्होंने पंजाब सरकार और केंद्र सरकार से अपील की कि वे आपसी मतभेदों और राजनीतिक खींचतान से ऊपर उठकर किसानों और राइस उद्योग के हितों को प्राथमिकता दें। यदि परमल चावल का उपयोग एथेनॉल उत्पादन में संभव है तो इसकी आपूर्ति तुरंत दोबारा शुरू की जाए, ताकि गोदामों पर बढ़ता दबाव कम हो, नई धान की फसल की खरीद सुचारु रूप से हो सके, राइस उद्योग को राहत मिले और किसानों के आर्थिक हित सुरक्षित रह सकें।

अंत में उन्होंने चेतावनी दी कि यदि इस समस्या का समय रहते समाधान नहीं किया गया तो आने वाले धान खरीद सीजन के दौरान भंडारण संकट और अधिक गंभीर हो जाएगा, जिसका दूरगामी प्रभाव पंजाब की कृषि और राइस उद्योग दोनों पर पड़ेगा।

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