आज भी समाज में जिंदा है इंसानियत और नेकदिली की भावना, गुरप्रीत सिंह के प्रयास की हो रही सराहना
अमृतसर, 7 नवंबर (के.एल. जीत वालिया): आज के समय में जहां अक्सर ईमानदारी और इंसानियत की मिसालें कम देखने को मिलती हैं, वहीं कुछ लोग अपने नेक कार्यों से समाज में अच्छी सोच और नैतिक मूल्यों को जीवित रखने का संदेश देते हैं। ऐसी ही सराहनीय मिसाल गुरप्रीत सिंह पुत्र सरबजीत सिंह, निवासी बासरके भैणी ने पेश की है। उन्होंने रास्ते में पड़ा मिला मोबाइल फोन उसकी मालकिन को वापस लौटाकर अपनी नेकनीयती और ईमानदार सोच का परिचय दिया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, गुरप्रीत सिंह इन दिनों स्थानीय गिल अस्पताल, नारायणगढ़, छेहरटा में फ्रंट एलिवेशन का काम कर रहे हैं। इसी दौरान मैडम शशि बाला किसी जरूरी काम से जा रही थीं। रास्ते में अनजाने में उनका मोबाइल फोन गिर गया। यह मोबाइल फोन गुरप्रीत सिंह को मिला। उन्होंने फोन को सुरक्षित अपने पास रखा और उसकी असली मालकिन तक पहुंचाने का निर्णय लिया।
जब मोबाइल फोन पर कॉल आई तो गुरप्रीत सिंह ने फोन करने वाले को बताया कि मोबाइल उनके पास है और इसे गिल अस्पताल, नारायणगढ़ से प्राप्त किया जा सकता है। इस तरह उन्होंने मोबाइल फोन को उसकी मालकिन तक वापस पहुंचाने में सहयोग किया।
गुरप्रीत सिंह के इस नेक प्रयास से यह सीख मिलती है कि ईमानदारी केवल बड़े-बड़े कार्यों में ही नहीं, बल्कि रोजमर्रा की जिंदगी की छोटी-छोटी घटनाओं में भी दिखाई देती है। किसी दूसरे व्यक्ति की खोई हुई वस्तु को अपने पास रखने के बजाय उसके वास्तविक मालिक तक पहुंचाना एक जिम्मेदार नागरिक का कर्तव्य है।
आज के समय में मोबाइल फोन केवल बातचीत का साधन नहीं है, बल्कि इसमें लोगों के जरूरी संपर्क, निजी जानकारी और अन्य महत्वपूर्ण विवरण भी मौजूद होते हैं। ऐसे में किसी का मोबाइल गुम हो जाना उसके लिए परेशानी का कारण बन सकता है। इसलिए मोबाइल मिलने पर उसे सही मालिक तक वापस पहुंचाना बेहद सराहनीय कार्य है।
आज के समाज को गुरप्रीत सिंह जैसे ईमानदार और जिम्मेदार युवाओं की जरूरत है, जो अपने आचरण से दूसरों के लिए प्रेरणा बनते हैं। ऐसे नेक कार्य समाज में आपसी विश्वास को मजबूत करते हैं और युवा पीढ़ी को सच्चाई, ईमानदारी तथा इंसानियत के रास्ते पर चलने के लिए प्रेरित करते हैं।
इस अवसर पर उनके साथी गब्बर सिंह जगतपुरा भी मौजूद रहे।