ब्रैम्पटन (कनाडा), 15 जनवरी (जोबनप्रीत सिंह वालिया):अंतरराष्ट्रीय साहित्यिक सांझां द्वारा 11 जनवरी, रविवार को मासिक अंतरराष्ट्रीय काव्य गोष्ठी का आयोजन किया गया, जिसका शीर्षक “गाती शायरी” रखा गया। इस अनूठे कार्यक्रम में देश और विदेश से बड़ी संख्या में शायरों एवं साहित्यकारों ने भाग लिया।
इस कार्यक्रम का सफल आयोजन अंतरराष्ट्रीय साहित्यिक सांझां के संस्थापक एवं आयोजक रमिंदर वालिया ‘रिम्मी’ के विशेष प्रयासों से संपन्न हुआ। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में प्रो. सुहिंदर बीर और हरमीत विद्यार्थी उपस्थित रहे।
कवि दरबार में अमनबीर सिंह धामी, हमीद हमीदी, रमणजीत रमन सखी, गिम्मी शगुफ्ता, दविंदर कौर ढिल्लों, मनजीत सिंह चात्रिक, परमजीत कौर जैसवाल, सतिंदरजीत कौर, अमरजीत सिंह शेरपुरी, नीतू अरोड़ा, महिंदर सिंह झम्मट, हरमीत विद्यार्थी और प्रो. सुहिंदर बीर ने अपनी काव्य रचनाएं तरन्नुम में गाकर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।
कार्यक्रम का संचालन संरक्षक सुरजीत कौर ने अत्यंत सधे हुए और प्रभावशाली ढंग से किया। आरंभ में उन्होंने सभी कवियों का स्वागत करते हुए लोहड़ी और नए वर्ष की शुभकामनाएं दीं।
कार्यक्रम की शुरुआत अमनबीर सिंह धामी की ग़ज़ल “किथों तेरे हाण दे मैं हरफ लियावां दस” से हुई, जिसे दर्शकों ने खूब सराहा।
समापन से पहले सरदार प्यारा सिंह कुड्डोवाल ने अपनी भावपूर्ण रचना “तेरे घर से दूर जब से हुआ हूं” को मधुर स्वर में प्रस्तुत कर सभी को भावुक कर दिया। इसके पश्चात प्रो. सुहिंदर बीर ने “परिये नी परिये” गीत प्रस्तुत कर कार्यक्रम को यादगार बना दिया।
इस अवसर पर चेयरमैन प्यारा सिंह कुड्डोवाल ने इस आयोजन को नए वर्ष की एक सार्थक शुरुआत बताया और सफल संचालन के लिए सुरजीत कौर की भरपूर प्रशंसा की।
कनाडा सहित अन्य देशों से बड़ी संख्या में दर्शकों ने ऑनलाइन माध्यम से कार्यक्रम में भाग लेकर “गाती शायरी” का भरपूर आनंद लिया। अंत में रमिंदर रिम्मी ने सभी प्रतिभागियों और दर्शकों का हार्दिक धन्यवाद किया।