महाशिवरात्रि पर्व हमें सत्य, करुणा और सेवा के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है-डॉ. राघव वाधवा

 

कृष्ण धाम मंदिर ग्रीन एवेन्यू में महाशिवरात्रि धूमधाम से मनाई 

अमृतसर, 16 फरवरी (के.एल.जीत वालिया) – स्थानीय कृष्ण धाम मंदिर, ग्रीन एवेन्यू में महाशिवरात्रि का पावन पर्व अत्यंत श्रद्धा, उल्लास और भक्ति भावना के साथ मनाया गया। इस अवसर पर मंदिर परिसर को आकर्षक फूलों, रंग-बिरंगी रोशनी और धार्मिक सजावट से सुसज्जित किया गया था, जिससे पूरा वातावरण भक्तिरस में सराबोर हो उठा।

मंदिर में कार्यक्रम का आयोजन पंडित दुनी चंद और पंडित दीना बंधु की देखरेख में किया गया। प्रातःकाल से ही श्रद्धालुओं की आवाजाही शुरू हो गई थी। भगवान शिव शंकर भोले भंडारी की विधिवत पूजा-अर्चना की गई तथा रुद्राभिषेक और विशेष आरती का आयोजन हुआ। “ॐ नमः शिवाय” और “हर-हर महादेव” के जयघोष से मंदिर परिसर गूंज उठा।

इस पावन अवसर पर अमृतसर के प्रसिद्ध न्यूरो सर्जन डॉ. राघव वाधवा विशेष रूप से उपस्थित हुए। उनके साथ समाज सेवक सूरज वाधवा, नीरज खन्ना, जतिन टांक, दीपक अरोड़ा और राहुल अरोड़ा ने भी भगवान शिव की पूजा-अर्चना कर प्रदेश और देश की सुख-शांति तथा सर्वजन कल्याण की कामना की। सभी श्रद्धालुओं ने मिलकर सरबत के भले की अरदास की और समाज में प्रेम, एकता एवं सद्भाव बनाए रखने का संकल्प लिया।

पंडित दुनी चंद ने बताया कि महाशिवरात्रि का पर्व आत्मशुद्धि, संयम और भक्ति का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि इस दिन सच्चे मन से की गई पूजा से भगवान शिव की विशेष कृपा प्राप्त होती है। पंडित दीना बंधु ने श्रद्धालुओं को महाशिवरात्रि के आध्यात्मिक महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी दी और बताया कि यह पर्व हमें सत्य, करुणा और सेवा के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है।

कार्यक्रम के दौरान भजन-कीर्तन का आयोजन भी किया गया, जिसमें श्रद्धालु भाव-विभोर होकर झूमते नजर आए। मंदिर में प्रसाद वितरण और भंडारे की भी व्यवस्था की गई थी, जहां बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। आयोजन समिति द्वारा साफ-सफाई और व्यवस्था का विशेष ध्यान रखा गया था ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।

डॉ. राघव वाधवा ने इस अवसर पर कहा कि धार्मिक पर्व समाज को जोड़ने का कार्य करते हैं और लोगों को सकारात्मक ऊर्जा प्रदान करते हैं। उन्होंने कहा कि व्यस्त जीवनशैली में ऐसे अवसर हमें आत्मचिंतन और आध्यात्मिक संतुलन का अवसर देते हैं। समाजसेवक सूरज वाधवा ने भी कहा कि इस प्रकार के आयोजन सामाजिक एकता को मजबूत करते हैं और लोगों में सेवा भाव को प्रोत्साहित करते हैं।

अंत में मंदिर प्रबंधन समिति की ओर से सभी श्रद्धालुओं, सहयोगियों और उपस्थित गणमान्य व्यक्तियों का आभार व्यक्त किया गया। महाशिवरात्रि के इस पावन अवसर पर कृष्ण धाम मंदिर का वातावरण पूरी तरह भक्ति और आस्था में डूबा नजर आया। श्रद्धालुओं ने भगवान शिव से सभी के जीवन में सुख, शांति और समृद्धि की कामना की तथा इस पर्व को अत्यंत श्रद्धा और उल्लास के साथ संपन्न किया।

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