अमृतसर, 20 मई (के.एल. जीत वालिया) – अमृतसर में कैमिस्टों के दो गुटों के बीच चल रहे विवाद के बीच 20 मई को मेडिकल स्टोर बंद रखने की दी गई कॉल पूरी तरह बेअसर साबित हुई। शहर के अधिकांश होलसेल और रिटेल दवा स्टोर सामान्य दिनों की तरह खुले रहे, जिससे आम लोगों और मरीजों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ा।
जानकारी के अनुसार एक गुट ने कैमिस्टों से दुकानें बंद रखने की अपील की थी, जबकि दूसरे गुट ने इसका खुलकर विरोध करते हुए सभी मेडिकल स्टोर खुले रखने की अपील की। दूसरे गुट के नेताओं ने आरोप लगाया कि कुछ शरारती तत्वों ने जबरन बंद की कॉल देकर माहौल खराब करने की कोशिश की।
मीडिया से बातचीत करते हुए होलसेल कैमिस्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष राजकुमार शर्मा, वाइस चेयरमैन टीएस बावा, भारतीय मेडिकल सेल के अध्यक्ष मनिंदर दत्ता, डिस्ट्रिक्ट कैमिस्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष विशाल देवराज तथा अन्य सदस्यों ने कहा कि शहर के मुख्य इलाकों, ग्रामीण क्षेत्रों और सरकारी अस्पतालों के आसपास भी सभी मेडिकल स्टोर खुले दिखाई दिए। उन्होंने कहा कि किसी भी कैमिस्ट को किसी प्रकार के दबाव या परेशानियों का सामना नहीं करना पड़ा।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कुछ लोगों ने सुबह बाजार खुलने से पहले बंद दुकानों के शटरों की तस्वीरें खींचकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दीं ताकि यह भ्रम फैलाया जा सके कि हड़ताल सफल रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि बाजार सामान्यतः सुबह 11 बजे के आसपास खुलता है, जबकि वायरल तस्वीरें सुबह लगभग 8 बजे की बताई जा रही हैं।
व्यापारी नेताओं ने कहा कि यह हड़ताल कुछ व्यक्तिगत हितों के कारण बुलाई गई थी और इसका कैमिस्ट समुदाय के बड़े हितों से कोई संबंध नहीं था। उन्होंने दावा किया कि अब व्यापारी ऐसे भ्रामक प्रचार से सतर्क हो चुके हैं और गुमराह नहीं हो रहे। युवा कैमिस्ट नेताओं ने भी अपनी राय रखते हुए कहा कि समय के साथ कैमिस्टों को नई तकनीक और ऑनलाइन फार्मेसी की चुनौतियों का सामना करने के लिए तैयार रहना होगा। उन्होंने कहा कि बंद और हड़ताल इसका समाधान नहीं हैं, बल्कि आधुनिक सोच और खुद को अपडेट करना समय की जरूरत है। अंत में व्यापारिक नेताओं ने स्पष्ट किया कि वे भविष्य में किसी भी प्रकार के बंद के समर्थन में नहीं हैं और जनता तक सही जानकारी पहुंचाना ही उनकी प्राथमिकता है।