पंजाबी भाषा शिक्षण में लंबे समय से योगदान दे रहे करीब 50 शिक्षक और प्रिंसिपल सम्मानित
अमृतसर, 27 सितंबर (के.एल. जीत वालिया): विश्व पंजाबी सभा कनाडा के भारत अध्यक्ष सरदार सतबीर सिंह और आर्ट गैलेक्सी (रजि.) की ओर से आज अमीरा फार्म, एयरपोर्ट रोड, अमृतसर में पंजाबी रत्न पुरस्कार-2026 के राज्य स्तरीय समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य पंजाब भर के उन अनुभवी पंजाबी शिक्षकों को सम्मानित करना था, जो लंबे समय से मातृभाषा पंजाबी पढ़ाने की सेवा कर रहे हैं।
समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में जिला शिक्षा अधिकारी, अमृतसर/गुरदासपुर राजेश कुमार शर्मा उपस्थित रहे। विशेष अतिथियों में एडवोकेट अरविंदर भट्टी, हास्य कलाकार घुले शाह, डॉ. जतिंदर कौर, पूर्व उप-प्रिंसिपल खालसा कॉलेज फॉर विमेन; प्रिंसिपल मनजिंदर सिंह औलख; दलजीत सिंह गोराया; डॉ. प्रभजोत कौर संधू, पंजाब की पूर्व मुख्य लाइब्रेरियन; डी.पी.एस. के पंजाबी विभागाध्यक्ष सतिंदर सिंह ओठी; सरकारी एलीमेंट्री स्कूल, कोटली सक्कियां वाली की पंजाबी लेखिका एवं शिक्षिका बलजीत कौर; पंजाबी लेखिका अमनदीप कौर; जे.के. कोलंबस स्कूल की प्रिंसिपल/डायरेक्टर डॉ. निधि पाठक; इन्विक्टस स्कूल की पंजाबी शिक्षिका एवं लेखिका सुखराज कौर; के.पी. आर्ट्स एंड कल्चर सोसायटी के डायरेक्टर अमन कुमार भारद्वाज; प्रिंसिपल बलविंदर कौर; रीवा दरिया; तरनतारन के प्रोफेसर हीरा सिंह; सरकारी सीनियर सेकेंडरी स्कूल, बल्ल्हड़वाल की प्रिंसिपल गुरजीत कौर, अजनाला; राज्य पुरस्कार प्राप्त कुलविंदरजीत कौर; जालंधर के मानव सहयोग स्कूल की वीना हांडा; ब्यास के पाथसीकर्स के गुलबदन सिंह; खरड़ की ब्लॉक रिसोर्स कोऑर्डिनेटर जसबीर कौर; डी.ए.वी. कॉलेज, अमृतसर की असिस्टेंट प्रोफेसर प्रो. पूनम कुमारी; पंजाबी लेखिका एवं मंच संचालिका सतनाम कौर; डॉ. जसविंदर कौर; वरिंदर कौर; गुरिंदर कौर और चरणजीत कौर शामिल रहे। इनके अलावा लगभग 50 शिक्षकों और प्रिंसिपलों को सम्मानित किया गया।
समारोह में सभी शिक्षकों को “खेल पिटारी” भी भेंट की गई, ताकि वे बच्चों को खेल-खेल में सरल तरीके से पंजाबी पढ़ा सकें। इस किट के माध्यम से शिक्षक स्कूलों में बच्चों को खेलों के जरिए पंजाबी व्याकरण और नैतिक मूल्यों की शिक्षा देने का प्रयास करेंगे।
कार्यक्रम में सतनाम कौर ने मंच संचालन की जिम्मेदारी कुशलतापूर्वक निभाई। सतिंदर सिंह ओठी ने शिक्षकों को पंजाबी विषय पढ़ाने से संबंधित जानकारी दी। वहीं, डॉ. प्रभजोत कौर संधू ने पुस्तकालयों को जीवंत बनाने और पाठकों को पुस्तकों से जोड़ने के विभिन्न तरीकों पर जानकारी साझा की।
कार्यक्रम को सार्थक बनाने में टीम के सदस्य प्रोफेसर पूनम कुमारी, सुखराज कौर, डॉ. निधि पाठक, बलजीत कौर, अमनदीप कौर और नवजोत कौर का विशेष योगदान रहा।
सरदार सतबीर सिंह और डॉ. जसविंदर कौर ने समारोह में पहुंचे सभी अतिथियों का हृदय से आभार व्यक्त किया। उपस्थित शिक्षकों और मेहमानों ने खेल पिटारी और कार्यक्रम की सराहना की।