अमृतसर, 8 अक्टूबर (के.एल. जीत वालिया)। पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी के नवनियुक्त अध्यक्ष एवं विधायक परगट सिंह ने पंजाब कांग्रेस प्रभारी सचिन पायलट के साथ ऐतिहासिक और पवित्र शहर श्री अमृतसर साहिब का दौरा किया। इस दौरान दोनों नेताओं ने श्री दरबार साहिब सहित विभिन्न धार्मिक स्थलों पर माथा टेककर पंजाब की सुख-शांति, खुशहाली, तरक्की और सर्वांगीण विकास के साथ-साथ समूची मानवता की भलाई के लिए प्रार्थना की।
इस दौरे की खास बात यह रही कि पंजाब कांग्रेस प्रभारी सचिन पायलट स्वयं नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष परगट सिंह के सारथी बने। उन्होंने एयरपोर्ट से खुद गाड़ी चलाकर उन्हें विभिन्न धार्मिक स्थलों तक पहुंचाया और पूरे कार्यक्रम में उनके साथ रहे। एयरपोर्ट से लेकर धार्मिक स्थलों तक कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं में खासा उत्साह देखने को मिला। पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष नियुक्त होने के बाद परगट सिंह सीधे दिल्ली से अमृतसर पहुंचे। इस अवसर पर नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा भी मौजूद रहे।
श्री दरबार साहिब में की अरदास
दौरे की शुरुआत में परगट सिंह और सचिन पायलट ने श्री हरमंदिर साहिब (श्री दरबार साहिब) में माथा टेका। उन्होंने गुरु घर की पवित्र हजूरी में पंजाब और देश की सुख-शांति, खुशहाली तथा सर्वांगीण विकास के लिए अरदास की।
परगट सिंह ने सर्वत्र भलाई की कामना करते हुए कहा कि श्री दरबार साहिब की पवित्र धरती पूरी दुनिया को सेवा, त्याग, समानता, मानवता और भाईचारे का संदेश देती है। उन्होंने पंजाब के लोगों की चढ़दी कला, खुशहाली और बेहतर भविष्य के लिए प्रार्थना की।
इसके बाद दोनों नेता दुर्गियाना मंदिर पहुंचे और वहां माथा टेककर पंजाब की सुख-समृद्धि तथा शांति के लिए प्रार्थना की।
सेंट पॉल चर्च और राम तीर्थ में भी किए दर्शन
परगट सिंह ने कहा कि पंजाब की महान पहचान उसकी विविध धार्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत और आपसी भाईचारे में निहित है। पंजाब की धरती ने हमेशा विभिन्न धर्मों, समुदायों और विचारों का सम्मान करने तथा मानवता को सर्वोपरि रखने का संदेश दिया है।
इसके बाद नेताओं ने अमृतसर स्थित सेंट पॉल चर्च में प्रार्थना की और पंजाब में अमन-शांति, प्रेम, सद्भावना तथा आपसी भाईचारे को और मजबूत करने की कामना की।
दौरे के अंतिम चरण में उन्होंने भगवान वाल्मीकि तीर्थ (राम तीर्थ) में दर्शन किए। भगवान वाल्मीकि जी की शिक्षाओं को नमन करते हुए उन्होंने समाज में समानता, सम्मान और मानवता की भावना को मजबूत करने का संदेश दिया। इस दौरान उन्होंने श्रद्धालुओं को 26 अक्टूबर को मनाए जाने वाले भगवान वाल्मीकि प्रकट दिवस की बधाई और शुभकामनाएं भी दीं।
ज्ञानी टी स्टॉल पर चाय का भी लिया आनंद
धार्मिक स्थलों के दौरे के दौरान नेताओं ने अमृतसर के प्रसिद्ध ज्ञानी टी स्टॉल पर रुककर चाय की चुस्कियां भी लीं। परगट सिंह ने कहा कि अमृतसर आकर यहां की मशहूर चाय का स्वाद न लिया जाए, तो दौरा अधूरा रहता है।
इस मौके पर सचिन पायलट ने कहा कि पंजाब की धरती हमेशा मानवता, सेवा, त्याग, भाईचारे और सामाजिक सद्भाव का संदेश देती रही है। श्री अमृतसर साहिब के विभिन्न धार्मिक स्थलों की यात्रा उनके लिए केवल धार्मिक आस्था से जुड़ा अवसर नहीं, बल्कि पंजाब की उस महान विरासत से जुड़ने का भी मौका है, जो लोगों को आपसी प्रेम और सद्भाव के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा देती है।
कई वरिष्ठ कांग्रेस नेता रहे मौजूद
इस अवसर पर पंजाब कांग्रेस प्रभारी एवं महासचिव सचिन पायलट, सह-प्रभारी सूरज सिंह ठाकुर, पूर्व स्पीकर राणा के.पी., पूर्व कैबिनेट मंत्री भारत भूषण आशु, विधायक सुखविंदर सिंह कोटली, पूर्व उपमुख्यमंत्री ओ.पी. सोनी, पूर्व कैबिनेट मंत्री त्रिपत राजिंदर सिंह बाजवा, पूर्व मंत्री विजय इंदर सिंगला, सुख सरकारिया, पूर्व मंत्री एवं विधायक राणा गुरजीत सिंह, कार्यकारी अध्यक्ष सुखविंदर सिंह डैनी, पूर्व मंत्री गुरकीरत सिंह कोटली, विधायक बलविंदर सिंह धालीवाल, हरदेव सिंह लाडी, बावा हेनरी और बिक्रमजीत सिंह चौधरी सहित कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे।

इनके अलावा पूर्व विधायक अमित विज, पूर्व मंत्री बलबीर सिंह सिद्धू, मजीठा हलका प्रभारी भगवान पाल सिंह सचर, पूर्व विधायक राजिंदर बेरी, परमिंदर सिंह पिंकी, इंदरबीर सिंह बुलारिया, कुशलदीप सिंह ढिल्लों, हरप्रताप सिंह अजनाला, हरमहिंदर सिंह गिल, पूर्व विधायक अनिल जोशी, विधायक काला ढिल्लों, पूर्व विधायक सुखपाल सिंह भुल्लर, इंदू बाला, राज कुमार वेरका, राजा गिल, अश्वनी पप्पू, पूर्व विधायक सुनील दत्ती, राज कवल प्रीत सिंह, ममता दत्ता, सोनू दत्ता, सोनू जंडियाला, सुख औजला और जुगल किशोर शर्मा सहित अन्य कांग्रेस नेता एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
सभी नेताओं ने विभिन्न धार्मिक स्थलों पर माथा टेककर पंजाब की शांति, खुशहाली और निरंतर विकास की कामना की।