मोदी सरकार की ज्यादतियों को पंजाब का किसान कभी माफ नहीं करेगा: बाजवा और सरकारिया

विधानसभा सत्र नौ मिनट में स्थगित होने पर सचर ने उठाए सवाल, इसे बताया पंजाब सरकार की कमजोरी

चंडीगढ़, 22 अक्टूबर (के.एल. जीत वालिया): वरिष्ठ कांग्रेस नेता त्रिपत राजिंदर सिंह बाजवा और सुखबिंदर सिंह सरकारिया ने कहा कि केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार द्वारा किसानों के साथ की गई कथित ज्यादतियों और किसान विरोधी बताए गए कृषि कानूनों को पंजाब के किसान और युवा कभी नहीं भूलेंगे।

गुरुवार को चंडीगढ़ में विधानसभा सत्र के बाद पत्रकारों से बातचीत करते हुए दोनों नेताओं ने कहा कि पंजाब के किसानों ने अपने अधिकारों की रक्षा के लिए लंबा संघर्ष किया है। इस आंदोलन के दौरान किसानों द्वारा दिए गए बलिदान पंजाब के इतिहास का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं।

उन्होंने कहा कि किसानों के अधिकारों और उनकी मांगों की अनदेखी करना किसी भी सरकार के लिए उचित नहीं है। किसान समुदाय से जुड़े मुद्दों को गंभीरता से सुनना और उनका समाधान करना सरकार की जिम्मेदारी है।

इस दौरान मजीठा विधानसभा क्षेत्र के कांग्रेस प्रभारी भगवंत पाल सिंह सचर ने पंजाब सरकार पर सवाल उठाते हुए कहा कि विधानसभा सत्र को महज नौ मिनट में स्थगित कर देना सरकार की कमजोरी को उजागर करता है।

सचर ने कहा कि विधानसभा जनता के मुद्दों पर चर्चा करने और सरकार की जवाबदेही सुनिश्चित करने का महत्वपूर्ण मंच है। ऐसे में इतने कम समय में सत्र स्थगित होना लोकतांत्रिक प्रक्रिया पर सवाल खड़े करता है।

उन्होंने कहा कि पंजाब के लोग किसानों, मजदूरों, युवाओं और आम जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार से ठोस कार्रवाई की उम्मीद करते हैं। सरकार को जनहित के महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा करने से पीछे नहीं हटना चाहिए, बल्कि प्रत्येक विषय पर अपना पक्ष स्पष्ट करना चाहिए।

सचर ने कहा कि कांग्रेस पार्टी किसानों के अधिकारों, पंजाब के हितों और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए अपनी आवाज उठाती रहेगी। उन्होंने कहा कि पार्टी जनता से जुड़े मुद्दों को हर उचित मंच पर उठाती रहेगी।

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *