नई दिल्ली (के.एल. जीत वालिया)। पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री बेअंत सिंह की 31 अगस्त 1995 को चंडीगढ़ में हुई हत्या के मामले में सजा काट रहे जगतार सिंह हवारा को फिलहाल पंजाब की जेल में स्थानांतरित नहीं किया जाएगा। सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली की तिहाड़ जेल से पंजाब की जेल में स्थानांतरण की मांग वाली याचिका पर सुनवाई तीन महीने के लिए टाल दी है। अब इस मामले में अगली सुनवाई फरवरी 2027 में होगी।
रिपोर्टों के मुताबिक, सुप्रीम कोर्ट ने यह फैसला इंटेलिजेंस ब्यूरो (आईबी) की एक बेहद संवेदनशील रिपोर्ट पर विचार करने के बाद लिया। इस रिपोर्ट में हवारा को पंजाब स्थानांतरित किए जाने का कड़ा विरोध किया गया था। अदालत में पेश की गई रिपोर्ट में इंटेलिजेंस ब्यूरो ने चेतावनी दी कि हवारा को पंजाब की जेल में भेजने से आगामी 2027 के राज्य विधानसभा चुनावों के दौरान कानून-व्यवस्था और सुरक्षा पर गंभीर असर पड़ सकता है।
केंद्र सरकार की ओर से पेश अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल ने हवारा को “उच्च जोखिम वाला कैदी” बताया। अदालत को हवारा के पुराने रिकॉर्ड के बारे में भी जानकारी दी गई, जिसमें वर्ष 2004 में चंडीगढ़ की बुड़ैल जेल से करीब 100 फुट लंबी सुरंग खोदकर फरार होने की घटना भी शामिल है।
गौरतलब है कि जगतार सिंह हवारा ने मानवीय आधार पर पंजाब स्थानांतरित किए जाने की मांग की थी। उनकी याचिका में कहा गया था कि उनका परिवार पंजाब में रहता है और उनकी 90 वर्षीय मां की तबीयत खराब है। हालांकि, दिल्ली सरकार, पंजाब सरकार और चंडीगढ़ प्रशासन पहले ही सुरक्षा संबंधी चिंताओं और हवारा की विचारधारा का हवाला देते हुए उनके स्थानांतरण का विरोध कर चुके हैं।