अमृतसर, 20 मई (के.एल. जीत वालिया) – पंजाब और विशेष रूप से अमृतसर के व्यापार एवं कारोबार को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के उद्देश्य से विश्व स्तर की संस्था विश्व सिख चैंबर ऑफ कॉमर्स के नेताओं परमीत सिंह चड्ढा और राजिंदर सिंह मरवाहा सहित सक्रिय सदस्यों ने आज श्री हरिमंदिर साहिब के चौक घंटाघर प्लाजा में श्री गुरु रामदास जी महाराज के चरणों में अरदास की।
अरदास में प्रार्थना की गई कि भारत और पाकिस्तान की सरकारें आपसी बातचीत के माध्यम से तनावपूर्ण माहौल समाप्त करें और अटारी-वाघा सीमा के रास्ते व्यापार और कारोबार को दोबारा शुरू करें। संस्था ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी अंतरराष्ट्रीय मंचों पर यह बात कह चुके हैं कि युद्ध किसी विवाद का समाधान नहीं होता और देशों के बीच समस्याओं का हल कूटनीति और बातचीत से होना चाहिए। विश्व सिख चैंबर ऑफ कॉमर्स ने प्रधानमंत्री से अपील की कि पाकिस्तान सरकार से बातचीत कर भारत, पाकिस्तान, अफगानिस्तान और मध्य एशियाई देशों के साथ अटारी-वाघा सीमा के जरिए व्यापार दोबारा शुरू किया जाए, जिससे पंजाब की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिले।
गौरतलब है कि फरवरी 2019 में हुए पुलवामा हमले से पहले अमृतसर सहित भारत के व्यापारियों का पाकिस्तान, अफगानिस्तान और अन्य देशों के साथ 4000 करोड़ रुपये से अधिक का व्यापार होता था। इस व्यापार से सीमा क्षेत्र के ट्रांसपोर्टर, मजदूर, कुली, छोटे दुकानदार और कर्मचारी रोजगार प्राप्त करते थे। लेकिन अटारी इंटीग्रेटेड चेक पोस्ट के माध्यम से व्यापार बंद होने के बाद हजारों लोग बेरोजगार हो गए हैं।
इस अवसर पर यह भी याद किया गया कि श्री गुरु रामदास जी महाराज ने लाहौर, कसूर और पट्टी सहित विभिन्न स्थानों से व्यापारियों और उद्यमियों को अमृतसर में बसाया था, जिससे शहर का व्यापारिक विकास हुआ। संगत ने अरदास की कि व्यापार बहाली के लिए अनुकूल परिस्थितियां बनें ताकि अमृतसर सहित पूरे पंजाब में आर्थिक खुशहाली लौट सके।
इस मौके पर परमीत सिंह चड्ढा और राजिंदर सिंह मरवाहा के साथ अमृतसर विकास मंच के संरक्षक प्रिंसिपल कुलवंत सिंह अणखी, विश्व सिख चैंबर ऑफ कॉमर्स अमृतसर के चेयरमैन हरप्रीत सिंह भाटिया, तजिंदर पाल सिंह बॉबी बादशाह, बलदेव सिंह रंधावा, डॉ. अमरजीत सिंह सचदेवा, सीए अमरजीत सिंह नारंग, एडवोकेट तेग ब्रदर्स, रियल एस्टेट कारोबारी अमनदीप सिंह, आर्किटेक्ट जगबीर सिंह, शुभ दुग्गल, शेफ अरुणदीप सिंह, लवप्रीत सिंह चीमा, रुपिंदर सिंह कटारिया, मनदीप सिंह, विक्रम बग्गा, गुरजीत सिंह नोगरा, जयइंदरपाल सिंह, सुमीत सिंह, तेजदीप सिंह सोखी, शशि जी, गुरविंदर सिंह, कीरत सिंह, रणजीत सिंह, इकबालजीत सिंह, गुरमोहन सिंह, रमणीक सिंह, दलजीत कौर, मनजीत कौर, अमनदीप कौर, राजदीप कौर और गुरप्रीत सिंह सहित बड़ी संख्या में गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। अरदास के बाद सभी उपस्थित लोगों ने परमीत सिंह चड्ढा और राजिंदर सिंह मरवाहा की अगुवाई में चौक घंटाघर से विरासती मार्ग स्थित महाराजा रणजीत सिंह चौक तक एक शांतिपूर्ण और अनुशासित मार्च निकाला।