गोइंदवाल साहिब (इकबाल सिंह आहलूवालिया, नवजीत सोनू):
श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की पावन छत्रछाया तथा जत्थेदार कुलदीप सिंह गड़गज्ज के नेतृत्व में निकाला जा रहा मीरी-पीरी खालसा मार्च आज गुरुद्वारा श्री बावली साहिब, गोइंदवाल साहिब से अपने अगले चरण के लिए रवाना हुआ। यह मार्च फतेहाबाद, छापड़ी साहिब, जामाराए सहित विभिन्न स्थानों से होता हुआ चोहला साहिब पहुंचा, जहां संगत ने फूलों की वर्षा कर और बड़ी संख्या में एकत्र होकर इसका गर्मजोशी से स्वागत किया।
इस अवसर पर शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) के अध्यक्ष हरजिंदर सिंह धामी ने बताया कि मीरी-पीरी खालसा मार्च 4 अगस्त 2026 को तख्त श्री दमदमा साहिब में संपन्न होगा। उन्होंने कहा कि संगत के उत्साहजनक सहयोग को देखते हुए भविष्य में पंजाब के अन्य क्षेत्रों में भी ऐसे मार्च आयोजित किए जा सकते हैं, ताकि अधिक से अधिक युवाओं को गुरमत से जोड़ा जा सके।
अपने संबोधन में जत्थेदार कुलदीप सिंह गड़गज्ज ने कहा कि कुछ ताकतें और एजेंसियां सिख संस्थाओं को कमजोर करने के उद्देश्य से सोशल मीडिया के माध्यम से भोले-भाले सिख युवाओं को गुमराह कर रही हैं और उन्हें पंथक संस्थाओं के विरुद्ध भड़काने की कोशिश कर रही हैं। उन्होंने संगत से गुरबाणी और गुरु साहिबान की शिक्षाओं से जुड़े रहने तथा युवाओं को गुरसिखी के मार्ग पर चलने का आह्वान किया।
शिरोमणि अकाली दल खडूर साहिब की प्रभारी बीबी रमणदीप कौर, जो पिछले दो दिनों से मार्च में विशेष सेवाएं निभा रही हैं, ने कहा कि एसजीपीसी द्वारा युवाओं को गुरमत से जोड़ने के लिए किए जा रहे प्रयास अत्यंत सराहनीय हैं। उन्होंने प्रचारकों, ढाडी जत्थों और कविशरी जत्थों का विशेष धन्यवाद भी किया।
अवतार सिंह बिल्ला ने प्रत्येक पड़ाव पर पहुंचकर गांवों की संगत का आभार व्यक्त किया और मार्च को मिल रहे भरपूर सहयोग की सराहना की।
एसजीपीसी के सचिव बलविंदर सिंह काहलवां ने बताया कि मीरी-पीरी खालसा मार्च को संगत का अभूतपूर्व समर्थन मिल रहा है। विभिन्न गांवों में श्रद्धालुओं ने फूलों की वर्षा कर मार्च का स्वागत किया तथा जगह-जगह लंगर लगाकर सेवा निभाई।
इस अवसर पर हरजिंदर सिंह धामी, बलविंदर सिंह काहलवां, सतबीर सिंह (ओएसडी), जत्थेदार गुरबचन सिंह करमूंवाला, मनजिंदर सिंह लाटी, जत्थेदार अमरजीत सिंह भलाईपुर, जत्थेदार बलविंदर सिंह वेईपुई, नरेंद्र सिंह मथरेवाल, सरबदयाल सिंह, ज्ञानी जगदेव सिंह, सरबजीत सिंह ढोटियां, ज्ञानी लखमीर सिंह कका कंडियाला, कुलदीप सिंह औलख, कुलदीप सिंह लाहौरिया, हरभजन सिंह राठौर, प्रेम सिंह, भाई तेजिंदर सिंह, भाई जगदेव सिंह गोइंदवाल साहिब सहित अनेक पंथक हस्तियां उपस्थित थीं