अमृतसर, 7 मार्च (के.एल. जीत वालिया) —आम आदमी पार्टी के लीगल सेल के माझा ज़ोन के अध्यक्ष एडवोकेट हरपाल सिंह निज्जर ने राज्य के वकीलों की लंबे समय से चली आ रही मांग को पूरा करने के लिए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान का धन्यवाद किया है और पंजाब राज्य बिजली नियामक आयोग (पीएसईआरसी) द्वारा वित्तीय वर्ष 2026–27 के लिए जारी टैरिफ आदेश में लिए गए ऐतिहासिक फैसले का स्वागत किया है।
इस फैसले के तहत वकीलों के चैंबरों के बिजली कनेक्शनों को गैर-आवासीय आपूर्ति (एनआरएस) श्रेणी से बदलकर घरेलू आपूर्ति (डीएस) श्रेणी में शामिल कर दिया गया है।
इस संबंध में जानकारी देते हुए ‘आप’ लीगल विंग के माझा ज़ोन के अध्यक्ष एडवोकेट हरपाल सिंह निज्जर ने कहा कि पिछले दिनों पंजाब की सभी बार एसोसिएशनों के अध्यक्षों ने ‘आप’ लीगल विंग के पंजाब प्रधान ज्ञान सिंह मूगो की अगुवाई में मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के साथ बैठक की थी। उन्होंने कहा कि यह फैसला मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की जनहितैषी और दूरदर्शी नेतृत्व का प्रमाण है।
उन्होंने कहा कि इस बात को स्वीकार करते हुए कि वकील का चैंबर कोई व्यावसायिक “दुकान” नहीं बल्कि न्याय व्यवस्था को समर्पित एक “बौद्धिक कार्यस्थल” है, पंजाब सरकार ने इस सम्मानित कानूनी पेशे के गौरव को बहाल किया है।
पंजाब और हरियाणा बार काउंसिल में पंजीकृत तथा पंजाब भर के कोर्ट कॉम्प्लेक्सों में स्थित वकीलों के चैंबरों के बिजली बिल अब घरेलू दरों के अनुसार लिए जाएंगे। हालांकि इस कदम से पीएसपीसीएल के वार्षिक राजस्व में लगभग 3.59 करोड़ रुपये की कमी आएगी, लेकिन सरकार ने मुनाफे से ज्यादा जनहित और कानूनी पेशेवरों की भलाई को प्राथमिकता दी है। नई टैरिफ दरें 1 अप्रैल 2026 से लागू होंगी।
एडवोकेट हरपाल सिंह निज्जर ने आगे कहा कि आम आदमी पार्टी की सरकार के शासन में समाज के हर वर्ग—किसानों और मजदूरों से लेकर वकीलों जैसे पेशेवरों तक—की लंबे समय से लंबित मांगों को पूरा किया जा रहा है। पंजाब सरकार हर वर्ग की भलाई के लिए निरंतर कार्य कर रही है।