फिक्की फ्लो अमृतसर ने ‘वेलनेस कॉन्क्लेव’ के जरिए मिडल लाइफ को नई ताकत के रूप में पेश किया

 

अमृतसर, 7 मई — कला, विज्ञान और संवेदनशील संवाद के सुंदर संगम के बीच FICCI FLO अमृतसर ने आज ITC Amritsar में “द वेलनेस कॉन्क्लेव” का आयोजन किया। चेयरपर्सन Tanya Khanna की अगुवाई में आयोजित इस कार्यक्रम ने महिलाओं के स्वास्थ्य से जुड़े मुद्दों पर खुलकर और समझदारी से चर्चा करने के लिए एक मजबूत मंच प्रदान किया।

कला के जरिए भावनात्मक शुरुआत

शाम की शुरुआत होटल के फोयर में प्रसिद्ध कलाकार Thota Vaikuntam की एक प्रभावशाली मूर्ति के अनावरण से हुई।

तान्या खन्ना ने इस कलाकृति को हर महिला की ताकत और उसके जीवन सफर का प्रतीक बताया, खासकर मदर्स डे की भावना से जोड़ते हुए।

उन्होंने कहा,

“एक महिला की जिंदगी में कोई ‘पॉज’ नहीं होता। हर पड़ाव उसे और मजबूत बनाता है। असली वेलनेस वही है जो हमें हर दिन आगे बढ़ने की ताकत देती है।”

लीसा रे ने मिडल लाइफ को बताया ‘पावर फेज’

कॉन्क्लेव का मुख्य आकर्षण अभिनेत्री और लेखिका Lisa Ray की मौजूदगी रही।

साल 2009 में कैंसर से अपनी लड़ाई को खुलकर साझा करने वाली लीसा रे ने अपने अनुभव और हौसले से सभी को प्रेरित किया।

NuHer की को-फाउंडर के रूप में उन्होंने तान्या खन्ना और “बी वेल” की संस्थापक Gunisha Khurana के साथ खुली बातचीत की। इस दौरान पेरिमेनोपॉज जैसे विषयों पर चर्चा हुई, जहां इसे कमजोरी नहीं बल्कि “पावर फेज” के रूप में प्रस्तुत किया गया।

जब विज्ञान और अनुभव साथ आए

मुंबई की प्रसिद्ध डॉक्टर Dr. Kajal Parikh ने वर्चुअल कीनोट के जरिए महत्वपूर्ण जानकारी साझा की।

इसके अलावा “मिनी डॉक्टर्स टेबल” में अमृतसर के अनुभवी डॉक्टरों ने महिलाओं के सवालों के सीधे और आसान जवाब दिए।

समाज, संस्कृति और जिम्मेदारी का संगम

इस कार्यक्रम में फिक्की फ्लो अमृतसर की सस्टेनेबिलिटी और सर्कुलर इकोनॉमी के प्रति प्रतिबद्धता भी साफ नजर आई। कला और संस्कृति को आधुनिक वेलनेस से जोड़ते हुए यह पहल एक नई सोच के रूप में सामने आई।

अंत में तान्या खन्ना ने सभी सहयोगियों का धन्यवाद किया, जिनमें NuHer, लीसा रे की टीम, गुनीशा खुराना, आईटीसी अमृतसर और Amandeep Group of Hospitals शामिल थे।

नई सोच की शुरुआत

कॉन्क्लेव का समापन इस मजबूत संदेश के साथ हुआ कि महिलाओं के लिए अपनी शारीरिक और हार्मोनल स्वास्थ्य को प्राथमिकता देना केवल जरूरी ही नहीं, बल्कि नेतृत्व और सशक्तिकरण की मजबूत नींव भी है।

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