मुख्य सड़कों को जाम करने के बजाय धरनों के लिए अलग स्थान तय करे सरकार: एडवोकेट मंगत राम सिल्ली

अमृतसर, 5 अगस्त (के.एल. जीत वालिया): प्रमुख समाजसेवी एवं श्री राम सौंसल वेलफेयर सोसायटी (रजि.) पंजाब के अध्यक्ष एडवोकेट मंगत राम सिल्ली (वसीका नवीनस) ने पंजाब सरकार से मांग की है कि राज्य में ऐसे निर्धारित स्थान बनाए जाएं, जहां कर्मचारी यूनियनें, विभिन्न संगठन और अन्य संस्थाएं अपनी मांगों को लेकर शांतिपूर्ण धरना, प्रदर्शन और जनसभाएं कर सकें।

एडवोकेट सिल्ली ने कहा कि लोकतंत्र में प्रत्येक नागरिक को अपनी बात सरकार तक पहुंचाने और शांतिपूर्ण विरोध करने का पूरा अधिकार है, लेकिन इसके नाम पर जीटी रोड, ऊंचा पुल, राष्ट्रीय राजमार्गों और प्रमुख चौराहों को घंटों तक जाम करना आम जनता के हितों के खिलाफ है।

उन्होंने कहा कि सड़क जाम होने से कार्यालय जाने वाले कर्मचारी, स्कूल-कॉलेज के विद्यार्थी, मरीजों को अस्पताल ले जाने वाली एंबुलेंस, व्यापारी, यात्री तथा अन्य जरूरी कार्यों के लिए निकले लोगों को भारी परेशानी उठानी पड़ती है। कई बार आपातकालीन परिस्थितियों में भी लोग समय पर अपने गंतव्य तक नहीं पहुंच पाते, जिससे गंभीर नुकसान हो सकता है।

उन्होंने कहा कि प्रदर्शन करने वाले संगठनों की मांगें सरकार से होती हैं, आम जनता से नहीं। इसलिए आम नागरिकों को परेशान करना किसी भी दृष्टि से उचित नहीं माना जा सकता।

एडवोकेट सिल्ली ने सुझाव दिया कि पंजाब सरकार प्रत्येक बड़े शहर में “प्रदर्शन स्थल” या “धरना ग्राउंड” निर्धारित करे, जहां पेयजल, शौचालय, बैठने की व्यवस्था और सुरक्षा जैसी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध हों। इससे संगठन अपनी मांगें प्रभावी ढंग से सरकार तक पहुंचा सकेंगे और आम जनता को भी किसी प्रकार की असुविधा नहीं होगी।

उन्होंने कहा कि इस व्यवस्था से एक ओर नागरिकों के संवैधानिक अधिकार सुरक्षित रहेंगे, वहीं दूसरी ओर यातायात व्यवस्था भी बाधित नहीं होगी तथा कानून-व्यवस्था बनाए रखने में प्रशासन को भी सुविधा मिलेगी।

अंत में एडवोकेट मंगत राम सिल्ली ने पंजाब सरकार से जनहित को ध्यान में रखते हुए इस विषय पर गंभीरता से विचार कर शीघ्र ठोस नीति बनाने की अपील की, ताकि लोकतांत्रिक अधिकारों और आम जनता की सुविधा के बीच संतुलन बना रहे।

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