चंडीगढ़, 25 जून (के.एल. जीत वालिया):आज किसान भवन, सेक्टर-35ए, चंडीगढ़ में विभिन्न किसान, मजदूर और सामाजिक संगठनों की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में प्रस्तावित भारत–अमेरिका ट्रेड डील के किसानों, मजदूरों, पशुपालकों, छोटे व्यापारियों तथा देश की खाद्य एवं आर्थिक संप्रभुता पर पड़ने वाले संभावित नकारात्मक प्रभावों पर गंभीर चर्चा की गई।
बैठक में एसकेएम (गैर-राजनीतिक), एकेएम पंजाब फोरम (आजाद किसान मोर्चा पंजाब), किसान मजदूर संघर्ष मोर्चा हरियाणा, राष्ट्रीय किसान महासंघ, एसकेएम (32 संगठन) तथा ऑल इंडिया एमएसपी मोर्चा सहित विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, महाराष्ट्र, केरल, ओडिशा, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, मध्य प्रदेश सहित कई राज्यों से किसान प्रतिनिधि भी उपस्थित रहे।
सभी संगठनों ने सर्वसम्मति से प्रस्तावित भारत–अमेरिका ट्रेड डील के खिलाफ व्यापक स्तर पर संयुक्त संघर्ष छेड़ने का निर्णय लिया। वक्ताओं ने कहा कि यह समझौता किसानों, पशुपालकों, मजदूरों और आम जनता के हितों के लिए गंभीर खतरा साबित हो सकता है। इसलिए सभी संगठन आपसी मतभेद भुलाकर एक मंच पर मिलकर इस लड़ाई को मजबूती से लड़ेंगे।
आगे की रणनीति तय करने के लिए 1 जुलाई 2026 को किसान भवन, सेक्टर-35ए, चंडीगढ़ में सभी सहभागी संगठनों के पांच-पांच प्रमुख प्रतिनिधियों की बैठक बुलाने का निर्णय लिया गया। इस बैठक में संयुक्त आंदोलन की विस्तृत रणनीति, कार्यक्रमों की रूपरेखा तथा आंदोलन के अगले चरण पर चर्चा की जाएगी।
यह भी निर्णय लिया गया कि जो किसान, मजदूर और सामाजिक संगठन किसी कारणवश आज की बैठक में शामिल नहीं हो सके, उन्हें भी 1 जुलाई की बैठक में आमंत्रित किया जाएगा, ताकि अधिक से अधिक संगठनों को एक मंच पर लाकर व्यापक, मजबूत और प्रभावी संयुक्त आंदोलन चलाया जा सके।
बैठक में उपस्थित नेताओं ने स्पष्ट कहा कि देश की कृषि, पशुपालन, रोजगार और खाद्य सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। यदि सरकार किसानों और मजदूरों की चिंताओं की अनदेखी करती है, तो संयुक्त मोर्चा देशव्यापी आंदोलन शुरू करने के लिए बाध्य होगा।