अमृतसर, 26 जुलाई (के.एल. जीत वालिया): विश्व विरासत अकादमी (अमेरिका, भारत, यूके, जर्मनी, दुबई और कनाडा) की राष्ट्रीय संरक्षक सरदारनी जागीर कौर मीराकोट के नेतृत्व में “सांझा सावन, सांझा विहड़ा : विहड़ा मां दा” थीम के तहत अमृतसर स्थित अमीरा फार्म में तीज का भव्य सांस्कृतिक मेला आयोजित किया गया। कार्यक्रम में सरदारनी जागीर कौर मीराकोट मुख्य अतिथि रहीं, जबकि लोकसभा सांसद गुरजीत सिंह औजला और श्रीमती अंदलीब औजला विशेष अतिथि के रूप में शामिल हुए। कार्यक्रम की अध्यक्षता राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त एवं पूर्व जिला भाषा अधिकारी डॉ. परमजीत सिंह कलसी ने की।
समारोह में समाजसेवी सुखजिंदर सिंह सुख औजला, ओंकार सिंह हुंदल, दमन सराय, सुरिंदर फरिश्ता (घुल्ले शाह), सतबीर सिंह, विश्व पंजाबी सभा भारत के राष्ट्रीय अध्यक्ष, डॉ. राजबीर कौर बीर ग्रेवाल, डॉ. नवदीप शर्मा सहित अनेक गणमान्य व्यक्तियों ने विशेष अतिथि के रूप में भाग लिया। इसके अलावा हरजोत कौर औजला, सरबजोत बोपाराय, अमन कोहरी, मोनिका, स्वर्णिम खुराना, बलविंदर कौर पंडोरी (अमेरिका से वर्चुअली), डॉ. भूपिंदर सिंह भकना, डॉ. आंचल अरोड़ा, डॉ. निधि ठाकुर, निर्मल कौर कोटला, डॉ. जसविंदर कौर तथा केंद्रीय लेखक सभा के दीप दविंदर सिंह भी सम्मानित अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
मेले का मुख्य आकर्षण सांस्कृतिक प्रस्तुतियां रहीं। प्रसिद्ध पंजाबी गायिका डॉली सिंह, ग्लोरी बावा और औजला ब्रदर्स ने अपनी लोक एवं सांस्कृतिक गायकी से समां बांध दिया। उनकी प्रस्तुतियों पर दर्शक झूम उठे और पूरे मेले में उत्सव जैसा माहौल बना रहा। इसके अलावा हरजीत लाडला, परविंदर मूधल, प्रिंस अठवाल, सूफी गायिका राज जन्नत, राज्य एवं राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता सिस्टर जसप्रीत कौर और मनप्रीत कौर, ढोलक कलाकार बलजीत कौर, सुशील कुमार, सन्नी म्यूजिक, तथा गायक मिर्जा और बीर औलख ने भी शानदार प्रस्तुतियां देकर दर्शकों का भरपूर मनोरंजन किया।

समारोह के दौरान प्रसिद्ध गायिका डॉली सिंह को “पद्म भूषण गुरमीत बावा स्मृति पुरस्कार-2” के साथ 11,000 की नकद राशि प्रदान की गई। लोक गायिका ग्लोरी बावा को “पंजाब की मानमयी बेटी पुरस्कार” के साथ 5,100 की नकद राशि दी गई, जबकि औजला ब्रदर्स को प्रतिष्ठित “यमला जट्ट पुरस्कार” से सम्मानित किया गया।
आयोजकों ने लगभग 150 प्रतिष्ठित हस्तियों को फुलकारी, स्मृति चिन्ह, प्रशस्ति पत्र और सहभागिता प्रमाणपत्र देकर सम्मानित किया। कार्यक्रम में साहित्यकारों, शिक्षाविदों, कलाकारों, पत्रकारों, समाजसेवियों और सांस्कृतिक जगत की अनेक प्रमुख हस्तियों ने भाग लिया। कार्यक्रम का सफल संचालन डॉ. राजबीर कौर बीर ग्रेवाल ने किया।