अमृतसर, 22 सितंबर (के.एल. जीत वालिया/बलविंदर भल्ला)। पंजाब के पूर्व उपमुख्यमंत्री और गुरदासपुर से सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा ने मंगलवार को अमृतसर में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पंजाब में बढ़ते नशे के कारोबार, गैंगस्टरवाद तथा सीमा पार से ड्रोन के जरिए कथित तौर पर आ रहे नशे और हथियारों को लेकर गंभीर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि पंजाब के हालात को लेकर वह अब तक केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह को 10 से 15 पत्र लिख चुके हैं।
रंधावा ने इस मुद्दे पर केंद्र की भाजपा सरकार और पंजाब की आम आदमी पार्टी सरकार दोनों पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि एक ओर केंद्र सरकार सीमा पार से आने वाले नशे और ड्रोन को रोकने में विफल रही है, वहीं दूसरी ओर पंजाब पुलिस की स्थिति ऐसी हो गई है कि वह लोगों के सामने आने से भी बच रही है और गैंगस्टरों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई नहीं कर पा रही है।
भाजपा की ओर से पठानकोट से शुरू की गई ‘नशा मुक्त पंजाब यात्रा’ पर सवाल उठाते हुए रंधावा ने आरोप लगाया कि भाजपा पंजाब को बदनाम करने की राजनीति कर रही है। उन्होंने कहा कि पंजाब में केवल ‘चिट्टा’ ही नहीं, बल्कि अन्य सिंथेटिक नशों पर भी सख्त नियंत्रण की जरूरत है। उनके अनुसार, देश में ऐसे नशों का हिस्सा 40 प्रतिशत से अधिक है।
भाजपा सांसद तरुण चुघ को संबोधित करते हुए रंधावा ने कहा कि उन्हें अपनी पार्टी को पंजाब की वास्तविक जमीनी स्थिति दिखानी चाहिए, न कि नशे के मुद्दे पर लोगों को गुमराह करना चाहिए। रंधावा ने कहा कि केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह 30 सितंबर को पंजाब आएं तो केवल भाषण देने तक सीमित न रहें, बल्कि नारकोटिक्स विभाग में कथित मिलीभगत करने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करें, पाकिस्तान सीमा का दौरा करें और ड्रोन के जरिए होने वाली नशे की तस्करी रोकने के लिए ठोस कदम उठाएं। उन्होंने कहा कि यह केवल पंजाब का नहीं, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा मामला है।
गैंगस्टरवाद के मुद्दे पर रंधावा ने दावा किया कि गैंगस्टर जग्गू भगवानपुरिया के खिलाफ 128 मामले दर्ज हैं, इसके बावजूद वह जेल में बैठकर अपना नेटवर्क चला रहा है। उन्होंने दावा किया कि उसका नेटवर्क केवल पंजाब तक सीमित नहीं है, बल्कि विदेशों तक फैला हुआ है। रंधावा के मुताबिक, इस नेटवर्क में करीब 1,000 सदस्य हैं, जिनमें लगभग 100 सदस्य अमेरिका में हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि जग्गू पंजाब पुलिस की कथित मिलीभगत से अपना नेटवर्क चला रहा है।
पंजाब सरकार की ओर से पुलिस कर्मचारियों को सादे कपड़ों में थानों में आने संबंधी जारी एडवाइजरी पर भी रंधावा ने तंज कसा। उन्होंने कहा कि यह बेहद गंभीर बात है कि पंजाब पुलिस को अपनी पहचान छिपाकर थानों में जाने के लिए कहा जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि हालात यहां तक पहुंच गए हैं कि पुलिसकर्मी दिन के समय घरों से बाहर निकलने में भी डरते हैं, जबकि पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी कथित तौर पर गैंगस्टरों से वीडियो कॉल पर बातचीत करते हैं।
रंधावा ने कहा कि यदि ऐसे अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए तो हालात में बदलाव लाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि पंजाब को खत्म करने की नहीं, बल्कि उसे बचाने के लिए काम करने की जरूरत है।
इस मौके पर मजीठा विधानसभा क्षेत्र के प्रभारी भगवंत पाल सच्चर, जोगिंदर पाल ढींगरा और अन्य नेता भी मौजूद रहे।