पंजाब में केमिस्टों का बड़ा फैसला, 23 जिलों के दवा कारोबारियों ने हैबिट-फॉर्मिंग दवाओं और प्रेगाबालिन का स्टॉक लौटाने पर जताई सहमति

करीब 30 हजार दवा कारोबारियों के मान-सम्मान और सुरक्षा का मुद्दा गरमाया

सुरिंदर दुग्गल बोले—मरीजों को परेशान करना उद्देश्य नहीं, सरकार करे वैकल्पिक व्यवस्था

अमृतसर, 25 अक्टूबर (के.एल. जीत वालिया): पंजाब के करीब 30 हजार दवा कारोबारियों के मान-सम्मान, सुरक्षा और व्यापार से जुड़े मुद्दों को लेकर पंजाब केमिस्ट एसोसिएशन ने अहम फैसला लिया है। एसोसिएशन के अध्यक्ष सुरिंदर दुग्गल और महासचिव जी. एस. चावला के नेतृत्व में वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से पंजाब के सभी 23 जिलों के अध्यक्षों, सचिवों और अन्य पदाधिकारियों की बैठक हुई। बैठक में मौजूदा हालात पर गंभीर चिंता जताते हुए सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि खुदरा और थोक दवा विक्रेता हैबिट-फॉर्मिंग दवाओं तथा प्रेगाबालिन का स्टॉक संबंधित थोक आपूर्तिकर्ताओं और कंपनियों को वापस करेंगे।

पंजाब केमिस्ट एसोसिएशन, ऑल इंडिया केमिस्ट्स एंड ड्रगिस्ट्स संगठन के अधीन कार्य करती है। बैठक में पदाधिकारियों ने दवा कारोबारियों के सामने आ रही चुनौतियों और उनके मान-सम्मान से जुड़े मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की।

कोविड महामारी और बाढ़ के दौरान दवा कारोबारियों के योगदान का उल्लेख

बैठक में पदाधिकारियों ने कहा कि केमिस्ट समुदाय लंबे समय से समाज और स्वास्थ्य सेवाओं के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाता आ रहा है। कोविड-19 महामारी के दौरान जब लोगों के लिए घरों से बाहर निकलना मुश्किल था, तब दवा कारोबारियों ने अपनी सुरक्षा की परवाह किए बिना जरूरतमंदों तक दवाएं पहुंचाईं।

एसोसिएशन ने पंजाब में आई बाढ़ के दौरान भी दवा कारोबारियों के योगदान का उल्लेख किया। संगठन के अनुसार, विभिन्न स्थानों पर चिकित्सा शिविर लगाए गए और सरकार को लाखों दवाओं के पैकेट तैयार कर उपलब्ध कराने में सहयोग दिया गया।

एसोसिएशन ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग के साथ मिलकर मुफ्त दवाएं उपलब्ध कराने और जनहित से जुड़े कार्यक्रमों में भी केमिस्ट समुदाय ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। ‘रंगला पंजाब’ से जुड़े आयोजनों सहित विभिन्न सामाजिक और स्वास्थ्य अभियानों में भी दवा कारोबारियों ने सहयोग किया है।

नशे के दुरुपयोग के खिलाफ सहयोग के बावजूद संदेह जताने पर चिंता

बैठक में दवाओं के नशे के रूप में दुरुपयोग को रोकने के लिए पंजाब केमिस्ट एसोसिएशन और सभी 23 जिलों के पदाधिकारियों की ओर से प्रशासन तथा स्वास्थ्य विभाग को दिए गए सहयोग पर चर्चा हुई। पदाधिकारियों ने चिंता जताई कि मानसा में झोटा हत्याकांड के रूप में संदर्भित घटना के बाद पूरे दवा कारोबारी समुदाय को संदेह की नजर से देखा जा रहा है। एसोसिएशन के अनुसार, इससे कारोबारियों का मनोबल प्रभावित हुआ है।

संगठन ने घटना की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए कहा कि किसी भी आपराधिक मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। हालांकि, किसी एक घटना के आधार पर पूरे दवा कारोबारी समुदाय को संदेह के घेरे में रखना उचित नहीं है। एसोसिएशन ने कहा कि ईमानदारी से कारोबार करने वाले व्यापारियों के मान-सम्मान और प्रतिष्ठा की रक्षा भी जरूरी है।

दवा दुकानों की जांच और सील करने की कार्रवाई पर जताया विरोध

बैठक में विभिन्न जिलों के पदाधिकारियों ने पुलिस और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की ओर से दवा दुकानों पर की जा रही जांच को लेकर चिंता जताई। उनका कहना था कि कुछ मामलों में छोटी-छोटी बातों पर पर्याप्त समय दिए बिना कार्रवाई की जाती है और दुकानों को सील भी किया जा रहा है।

एसोसिएशन ने स्पष्ट किया कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई होनी चाहिए, लेकिन ईमानदार दवा कारोबारियों के साथ निष्पक्ष और सम्मानजनक व्यवहार भी जरूरी है। संगठन ने दोहराया कि वह दवाओं के नशे के रूप में दुरुपयोग और अवैध बिक्री के खिलाफ है, लेकिन सभी दवा विक्रेताओं को एक ही नजर से देखना उचित नहीं है।

मरीजों के हित में वैकल्पिक व्यवस्था करे सरकार: सुरिंदर दुग्गल

पंजाब केमिस्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष सुरिंदर दुग्गल ने कहा कि संगठन का उद्देश्य किसी भी मरीज को परेशान करना या आवश्यक दवाओं की उपलब्धता में बाधा डालना नहीं है। उन्होंने कहा कि दवा कारोबारियों के मान-सम्मान को ठेस पहुंचने और मौजूदा परिस्थितियों के कारण उनकी चिंताएं बढ़ने के मद्देनजर यह फैसला लेना पड़ा है।

दुग्गल ने पंजाब सरकार, स्वास्थ्य विभाग और सभी 23 जिलों के प्रशासन से मांग की कि संबंधित दवाओं की जरूरत वाले मरीजों के लिए उचित वैकल्पिक व्यवस्था की जाए, ताकि किसी भी जरूरतमंद को इलाज के दौरान परेशानी का सामना न करना पड़े।

उन्होंने कहा कि यदि दवाओं का इस्तेमाल नशे के लिए किया जा रहा है तो इसे रोकने के लिए सख्त कदम उठाए जाने चाहिए। इसके साथ ही वास्तविक चिकित्सकीय जरूरतों, निर्धारित नियमों और ईमानदारी से कारोबार करने वाले दवा विक्रेताओं के हितों का भी ध्यान रखा जाना चाहिए।

सामाजिक जिम्मेदारी निभाने के लिए प्रतिबद्ध है एसोसिएशन

बैठक में सभी 23 जिलों के पदाधिकारियों ने सर्वसम्मति से निर्णय लिया कि एसोसिएशन सामाजिक जिम्मेदारी निभाते हुए सरकार, प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के साथ सहयोग जारी रखेगी।

संगठन ने नशे के दुरुपयोग को रोकने और लोगों के स्वास्थ्य की रक्षा करने के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। साथ ही कहा कि दवा कारोबारियों के अधिकारों और मान-सम्मान की रक्षा करना भी जरूरी है।

बैठक में जी. एस. चावला, सुरिंदर दुग्गल, अमरदीप सिंह, सुदर्शन चौधरी, विनय रावत, करण चौधरी, सुबोध कक्कड़, अश्वनी कुमार, अशोक बलियावाली, अशोक छाबड़ा, बाल कृष्ण कटारिया, नरेश जिंदल, लवली डाबर, निशांत कुमार, राजेश महाजन, सतीश कपूर, सुमित कुमार, रमन कुमार, रवि नंदा, सुखबीर सिंह, अजय बंसल, मनोरंजन कालिया, जतिंदर सेठी, संजीव चौधरी, दर्शन सचदेवा, नरेंद्र मित्तल, जतिंदर चावला, देविंदर सिंह, राजेश सोही, परजिंदर आनंद, रिशू वर्मा, संजीव कुमार और नवीन गोयल सहित विभिन्न जिलों के अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।

पंजाब केमिस्ट एसोसिएशन ने दोहराया कि उसका मुख्य उद्देश्य मरीजों के हितों की रक्षा करना, दवाओं के दुरुपयोग पर रोक लगाना और ईमानदार दवा कारोबारियों के मान-सम्मान को बनाए रखना है। संगठन ने सरकार से अपील की कि इस मुद्दे का समाधान आपसी बातचीत और उचित वैकल्पिक व्यवस्था के माध्यम से निकाला जाए, ताकि मरीजों और दवा कारोबारियों दोनों के हित सुरक्षित रह सकें।

 

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