अमृतसर, 7 अक्टूबर (के.एल. जीत वालिया)-
स्वदेशी जागरण मंच द्वारा रंजीत एवेन्यू स्थित दशहरा ग्राउंड में आयोजित 12 दिवसीय स्वदेशी दीपावली मेला–2026 विभिन्न सामाजिक, सांस्कृतिक, शैक्षणिक एवं व्यावसायिक गतिविधियों के साथ भव्य रूप से संपन्न हुआ। 27 अक्टूबर से 7 नवंबर तक चले इस मेले ने अमृतसरवासियों को खरीदारी, मनोरंजन, कला, संस्कृति और विचार-विमर्श का एक साझा मंच प्रदान किया।
इस भव्य आयोजन का नेतृत्व एवं आयोजन पंजाब स्वदेशी जागरण मंच की संयोजक डॉ. नेहा तेजपाल के मार्गदर्शन में किया गया। आयोजन को सफल बनाने में स्वदेशी जागरण मंच के सहसंयोजक श्री अमित हांडा, स्वर्णिम फाउंडेशन के कन्वीनर श्री भावेश महाजन एवं एडवोकेट पीयूष भाटिया, स्वदेशी जागरण मंच अमृतसर की महिला प्रमुख एवं लेखिका श्रीमती मिष्ठी अरुण, स्वदेशी मेले के संरक्षक श्री राजीव अनेजा, मेला प्रमुख श्री राजेंद्र मरवाहा, मेला सह-प्रमुख श्री विकास नारंग एवं श्री बत्रा जी का विशेष योगदान रहा।
मेले का शुभारंभ 28 अक्टूबर को हवन-यज्ञ एवं वैदिक मंत्रोच्चार के साथ हुआ। उद्घाटन अवसर पर श्री तरुण जी एवं श्री कश्मीरी लाल जी सहित अनेक गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे। शुभारंभ के साथ ही मेले में स्वदेशी उत्पादों, भारतीय परंपराओं और स्थानीय उद्यमियों को प्रोत्साहित करने का संदेश दिया गया।
मेले का एक विशेष आकर्षण बच्चों के लिए आयोजित दो दिवसीय ‘मंथन मंच’ रहा। इस दो दिवसीय कार्यक्रम मैं मुख्य अतिथि के तौर पर कुंवर विजय प्रताप सिंह एवं अविनाश राय खन्ना जी ने शिरकत की। इस मंच पर बच्चों ने हिंदी भाषा में अपनी वक्तृत्व कला, अभिव्यक्ति और रचनात्मक प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया। विभिन्न श्रेणियों में भाषण, नाट्य प्रस्तुति, शो एंड टेल एवं अन्य प्रतियोगिताओं के साथ नृत्य प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया। इस पहल ने बच्चों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने और आत्मविश्वास के साथ मंच पर आने का अवसर प्रदान किया।
भारतीय लोककला एवं परंपराओं को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से फुलकारी संस्था ने एक कार्यक्रम आयोजन किया गया, जिसमें मेले में स्टॉल लगाने वाले लगभग 50 कारीगरों एवं प्रतिभागियों को उनके योगदान और कार्य के लिए सम्मानित किया गया।
महिला सशक्तिकरण की दिशा में अनौखी फाउंडेशन द्वारा पंजाब की लगभग 300 महिलाओं को सम्मानित किया गया। यह कार्यक्रम समाज में महिलाओं के योगदान, उपलब्धियों और उनकी प्रतिभा को पहचान देने का एक महत्वपूर्ण प्रयास रहा।
युवाओं को राष्ट्र, समाज और भविष्य से जुड़े विषयों पर विचार रखने का अवसर देने के लिए ‘युवा संवाद’ का आयोजन अमृतसर ग्रुप ऑफ कॉलेजेज (AGC) के सहयोग से किया गया। इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में श्री तरनजीत सिंह संधू जी ने शिरकत की। संवाद के माध्यम से युवाओं को अपने विचार साझा करने और राष्ट्र निर्माण में अपनी भूमिका समझने का अवसर मिला।
मेले में मनोरंजन और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का भी विशेष आकर्षण रहा। प्रतिदिन शाम को पंजाबी संगीत जगत के प्रसिद्ध कलाकारों ने अपनी प्रस्तुतियों से दर्शकों का मनोरंजन किया। कन्हैया मित्तल, बाघी, सरगी मान, मंदेर ब्रदर्स, कंवर ग्रेवाल, जी खान, मनकीरत औलख, सब्बा, सिप्पी गिल और मीका सिंह जैसे लोकप्रिय गायकों की प्रस्तुतियों ने मेले में उत्साह और रौनक बनाए रखी। हर शाम बड़ी संख्या में लोग इन कार्यक्रमों का आनंद लेने पहुंचे।
इसके अतिरिक्त मेले में हस्तकला, स्वदेशी उत्पादों, स्थानीय व्यापारियों और विभिन्न सांस्कृतिक गतिविधियों को भी विशेष स्थान दिया गया। विभिन्न दिनों में आयोजित कार्यक्रमों ने समाज के अलग-अलग वर्गों को एक मंच पर जोड़ने का कार्य किया।

समापन समारोह एवं अमृतसर के 450 वर्षों का उत्सव
मेले का समापन 7 नवंबर को अमृतसर के गौरवशाली 450 वर्षों के उत्सव की थीम पर आयोजित विशेष समारोह के साथ हुआ। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में स्वदेशी जागरण मंच के अखिल भारतीय सह-संगठक श्री सतीश जी उपस्थित रहे। विशिष्ट अतिथियों में पूर्व सांसद श्री श्वैत मलिक जी, अमृतसर नगर निगम के पूर्व मेयर श्री बख्शी राम अरोड़ा जी एवं भाजपा अमृतसर के अध्यक्ष श्री सलील कपूर जी शामिल रहे। समारोह में गटका की पारंपरिक प्रस्तुति ने पंजाब की शौर्य और सांस्कृतिक विरासत को भी प्रदर्शित किया।
स्वदेशी जागरण मंच की इस पहल ने स्थानीय व्यापार, स्वदेशी उत्पादों, महिला सशक्तिकरण, युवा संवाद, बाल प्रतिभाओं और भारतीय सांस्कृतिक विरासत को एक साझा मंच प्रदान किया। यह मेला केवल खरीदारी और मनोरंजन का आयोजन न होकर समाज के विभिन्न वर्गों को जोड़ने, स्थानीय प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने और स्वदेशी विचार को जन-जन तक पहुंचाने का एक सार्थक प्रयास बना। आयोजक टीम ने मेले को सफल बनाने में सहयोग देने वाले सभी अतिथियों, प्रतिभागियों, कलाकारों, स्टॉलधारकों, सहयोगियों एवं अमृतसरवासियों का आभार व्यक्त किया।