के.एल. जीत वालिया, अमृतसर :- ‘क्लीन अमृतसर ग्रीन अमृतसर’ जागरूकता अभियान की टीम के चीफ कोऑर्डिनेटर वरिंदर सिंह और उनकी टीम ने सफ़र-ए-शहादत का इतिहास लोगों के साथ साझा किया। हर वर्ष की तरह इस बार भी बाबा मोती राम मेहरा जी की स्मृति में बस स्टैंड के नज़दीक गर्म दूध के लंगर की सेवा की गई।
इस अवसर पर ‘क्लीन अमृतसर ग्रीन अमृतसर’ की पूरी टीम तथा हलका उत्तरी के विधायक कुंवर विजय प्रताप सिंह ने भी गर्म दूध के लंगर की सेवा में बढ़-चढ़कर भाग लिया और अपने हाथों से दूध वितरित किया।
इस मौके पर विधायक कुंवर विजय प्रताप सिंह ने कहा कि हमें साहिबज़ादों की शहादत को हमेशा याद रखना चाहिए। श्री गुरु गोबिंद सिंह जी के परिवार और चारों साहिबज़ादों ने ज़ुल्म के खिलाफ महान शहादतें दीं। छोटे साहिबज़ादों की शहादत के बाद हिंदू, सिख और मुसलमान ज़ुल्म के विरुद्ध एकजुट होकर खड़े हो गए।
उन्होंने कहा कि आम जनता समझ चुकी थी कि ज़ालिम का कोई धर्म नहीं होता, ज़ालिम सिर्फ़ ज़ालिम होता है। विधायक कुंवर विजय प्रताप सिंह ने आगे कहा कि छोटे साहिबज़ादों की शहादत के बाद गुरु गोबिंद सिंह जी ने बंदा सिंह बहादुर को ज़ुल्म के खिलाफ संघर्ष करने के लिए भेजा। उस समय हिंदू, सिख और मुसलमान सभी बंदा सिंह बहादुर के साथ खड़े हो गए और ज़ुल्म का नामो-निशान मिटा दिया।
उन्होंने कहा कि इसलिए हमें अपना इतिहास अपने बच्चों के साथ साझा करना चाहिए और 31 दिसंबर की रात, जब नया वर्ष आरंभ होता है, तब धार्मिक स्थलों और अपने घरों में अकाल पुरख को स्मरण करना चाहिए।