अमृतसर, 2 जनवरी (के. एल. जीत वालिया)
शहीद भगत सिंह जर्नलिस्ट एसोसिएशन (रजि.) के प्रधान रणजीत सिंह मसौन ने कहा कि वर्ष 2022 में पंजाब में आम आदमी पार्टी की सरकार बनने में पत्रकारों की अहम भूमिका रही थी। पत्रकारों ने बड़े बदलाव की उम्मीद के साथ अन्य राजनीतिक दलों को नकारते हुए ‘आप’ सरकार के गठन में सहयोग किया था।
उन्होंने कहा कि इसके बावजूद मुख्यमंत्री भगवंत मान द्वारा स्वतंत्र पत्रकारों और आर.टी.आई. कार्यकर्ताओं के खिलाफ झूठी एफ.आई.आर. दर्ज करवाना बेहद निंदनीय और दुर्भाग्यपूर्ण है। इससे आम आदमी पार्टी सरकार का पत्रकार विरोधी चेहरा उजागर हो रहा है। पंजाब में ‘आप’ सरकार बनने के बाद से ही पत्रकारों पर लगातार किसी न किसी बहाने झूठे मामले दर्ज किए जा रहे हैं, जिसका खामियाजा सरकार को वर्ष 2027 में भुगतना पड़ेगा।
रणजीत सिंह मसौन ने कहा कि आर.टी.आई. एक्टिविस्ट मनिक गोयल, iWorld TV के पत्रकार मिंटू गुरुसरिया तथा Lok Awaz TV के पत्रकार मनिंदरजीत सिद्धू सहित अन्य पत्रकारों पर दर्ज किया गया यह मामला लोकतंत्र के चौथे स्तंभ की आवाज़ को दबाने का प्रयास है। यह ‘आप’ सरकार की विफलताओं को छुपाने की एक निराधार कोशिश है, जिसे पत्रकार समुदाय कभी बर्दाश्त नहीं करेगा।
उन्होंने कहा कि यह कार्रवाई ‘आप’ की दिल्ली हाईकमान के इशारे पर की जा रही है, क्योंकि अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया को यह एहसास हो चुका है कि उनका असली चेहरा जनता के सामने आ गया है। शहीद भगत सिंह जर्नलिस्ट एसोसिएशन प्रभावित पत्रकारों और आर.टी.आई. कार्यकर्ताओं के साथ पूरी मजबूती से खड़ी है और इस झूठी एफ.आई.आर. को तुरंत वापस लेने की मांग करती है।
इस अवसर पर चेयरमैन श्री रमेश रामपुरा, उप-चेयरमैन दलवीर सिंह भरोवाल, उप-प्रधान रजनीश कौशल व राघव अरोड़ा, जनरल सेक्रेटरी जोगा सिंह राजपूत, खजांची श्री हरीश सूरी, कुशल शर्मा, विशाल शर्मा, वरधान, सोम्यां, वरिंदर धुन्ना, मनिंदर सिंह ढिल्लों आदि उपस्थित थे।