अमृतसर, 16 फरवरी (के. एल. जीत वालिया) – पंजाब सरकार और पंजाब पुलिस द्वारा नशों के खिलाफ शुरू किए गए अभियान “युद्ध नशों विरुद्ध” के तहत मोगा में एक विशाल महा रैली का आयोजन किया गया। इस अवसर पर राज्य सरकार की एंटी ड्रग एक्शन नीति के अंतर्गत नशा तस्करी और अवैध हथियारों के खिलाफ उल्लेखनीय कार्रवाई करने वाले पुलिस अधिकारियों को विशेष रूप से सम्मानित किया गया।
रैली के दौरान डीएसपी राजासांसी नीरज कुमार अनारिया तथा थाना राजासांसी की एसएचओ इंस्पेक्टर हरसिमरन कौर को सरकार की ओर से कैश रिवॉर्ड देकर सम्मानित किया गया। हाल ही में इन अधिकारियों की अगुवाई में नशों और अवैध हथियारों की बड़ी खेप बरामद की गई थी तथा कई महत्वपूर्ण गिरफ्तारियां की गई थीं। इन कार्रवाइयों से क्षेत्र में सक्रिय नशा माफिया को बड़ा झटका लगा है और कानून-व्यवस्था को मजबूती मिली है।
इस महत्वपूर्ण महा रैली में आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक Arvind Kejriwal, पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान , डीजीपी पंजाब Gaurav Yadav तथा पंजाब कैबिनेट के कई मंत्रियों ने भाग लिया। इस दौरान राज्य को नशा-मुक्त बनाने का संकल्प दोहराया गया और पंजाब पुलिस की सराहनीय कार्यप्रणाली की प्रशंसा की गई।
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने अपने संबोधन में कहा कि नशों के खिलाफ यह लड़ाई अंतिम पड़ाव तक जारी रहेगी और किसी भी तस्कर को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि ईमानदारी और साहस के साथ काम करने वाले पुलिस अधिकारियों को सरकार हमेशा प्रोत्साहित करती रहेगी।
वहीं अरविंद केजरीवाल ने पंजाब पुलिस की कार्रवाई की सराहना करते हुए कहा कि सरकार नशा माफिया के सफाए के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और कानून व्यवस्था को मजबूत करने के लिए हर आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।
डीएसपी नीरज अनारिया ने सम्मान के लिए सरकार का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह उपलब्धि पूरी पुलिस टीम की संयुक्त मेहनत का परिणाम है। उन्होंने विश्वास दिलाया कि नशों और अवैध हथियारों के खिलाफ अभियान आगे भी इसी तरह जारी रहेगा। एसएचओ हरसिमरन कौर ने भी कहा कि वे अपनी जिम्मेदारी पूरी निष्ठा से निभाती रहेंगी और समाज को नशा मुक्त बनाने के लिए हरसंभव प्रयास करेंगी।
मोगा में आयोजित इस महा रैली ने यह स्पष्ट संदेश दिया कि पंजाब सरकार नशों के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई के लिए प्रतिबद्ध है। ईमानदार और बहादुर अधिकारियों को सम्मानित किए जाने से पुलिस बल का मनोबल भी बढ़ा है। साथ ही आम जनता से भी अपील की गई कि वे इस सामाजिक बुराई को खत्म करने के लिए सरकार और पुलिस का सहयोग करें, ताकि पंजाब को सुरक्षित और नशा-मुक्त बनाया जा सके।