जालंधर में 9वां क्रांति मेला संपन्न, मास्टर मक्खन क्रांति की याद में साहित्य कला और संस्कृति का संगम

जालंधर :- जालंधर जिले के फिल्लौर क्षेत्र में स्थित क्रांति भवन क्रांति कॉलोनी पाल नौ में रविवार 8 मार्च को 9वां क्रांति मेला बड़े उत्साह और गरिमा के साथ आयोजित किया गया। यह आयोजन जननायक रंगकर्मी और लोक कलाकार शहीद मास्टर मक्खन क्रांति की स्मृति को समर्पित था। कार्यक्रम का आयोजन प्रगति कला केंद्र लांदड़ा जालंधर द्वारा किया गया जिसमें बड़ी संख्या में लेखक कलाकार चिंतक और सामाजिक कार्यकर्ता शामिल हुए।

इस वर्ष का क्रांति मेला बाबासाहेब B. R. Ambedkar की विचारधारा के निडर और प्रतिबद्ध सिपाही तथा प्रख्यात चिंतक लेखक के सी सुलेख को समर्पित किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन प्रतिष्ठित बौद्ध समाजसेवी हरजिंदर मल्ल और श्रीमती चंचल मल्ल ने किया जबकि दीप प्रज्वलन की रस्म जगदीश गंगाधर ने निभाई। स्वागत भाषण मास्टर किरनदीप सिंह ऐदल ने दिया।

 

मेला समारोह में विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान देने वाले व्यक्तित्वों को सम्मानित भी किया गया। 32वां बलराज साहनी स्मृति पुरस्कार केंद्रीय लेखक सभा के अध्यक्ष पवन हरचंदपुरी को दिया गया। लोक कवि चरण दास निधड़क पुरस्कार कवि रवि शरण फिल्लौरिया को प्रदान किया गया। गौरी लंकेश पत्रकारिता पुरस्कार लोक आवाज टीवी के मनिंदरजीत सिंह सिद्धू को मिला। मास्टर मक्खन क्रांति लेक्चरर अवार्ड सरकारी प्राइमरी स्मार्ट स्कूल कटाना के मुख्य अध्यापक मास्टर बूटा राम मसानी को दिया गया।

 

कार्यक्रम में सामाजिक संदेश भी दिया गया। बिना दहेज विवाह करने वाले नवविवाहित जोड़े सपना और जय को सम्मान पत्र देकर आशीर्वाद दिया गया।

 

मेले के दौरान कई महत्वपूर्ण पुस्तकों का विमोचन भी हुआ जिनमें रंगन दे रो बा रू कलाकार कुलप्रीत राणा की कला पुस्तक पराधीनता पाप है लेखक दर्शन सिंह बाजवा की पुस्तक सुपनियां दी धरती कनाडा निर्देशक सोधी राणा का यात्रा वृत्तांत और सच्ची रामायण का अनुवाद शामिल रहे।

सांस्कृतिक कार्यक्रमों में नाटक साडे बुजुर्ग साडा मान ने दर्शकों को गहराई से प्रभावित किया। लोक संगीत मंडली छाजली ने मक्खन दी वार प्रस्तुत की जबकि मिशनरी गायकों बलविंदर बिट्टू और सरोज लांबरी ने अपनी प्रस्तुतियों से माहौल को जीवंत बना दिया।

मेले के साथ कलाकार शिविर और चित्र प्रदर्शनी भी आयोजित की गई जिसमें कई कलाकारों ने बहुजन नायकों और बौद्ध विषयों पर आधारित चित्र प्रस्तुत किए। कार्यक्रम के अंत में निर्देशक सोधी राणा और सहयोगियों ने सभी अतिथियों संस्थाओं और मीडिया का आभार व्यक्त किया और इस सफल आयोजन को सामूहिक प्रयास का परिणाम बताया।

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