लुधियाना, 29 मई (के.एल. जीत वालिया):पंजाबी लोक विरासत अकादमी के चेयरमैन प्रो. गुरभजन सिंह गिल ने प्रसिद्ध मीडिया कर्मी सरदार सरदूल सिंह मारवा को इंग्लैंड के शहर सोलीहुल का पहला सिख मेयर चुने जाने पर हार्दिक बधाई दी है। प्रो. गिल ने कहा कि 27 मई का दिन दुनिया भर के पंजाबियों के लिए गर्व का अवसर था, जब सरदार सरदूल सिंह मारवा को इंग्लैंड के वेस्ट मिडलैंड्स क्षेत्र के महत्वपूर्ण शहर सोलीहुल का निर्विरोध मेयर चुना गया।
पंजाब के बंगा के निकट स्थित गांव झंडेर कलां में जन्मे सरदूल सिंह मारवा वर्ष 1960 में अपने परिवार के साथ बेहतर भविष्य की तलाश में इंग्लैंड चले गए। वहां उन्होंने इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग की शिक्षा प्राप्त की, डिप्लोमा इन एजुकेशन (DipEd) किया तथा कंप्यूटर हार्डवेयर तकनीशियन की योग्यता हासिल की। उन्होंने वर्ष 1978 में कंज़र्वेटिव पार्टी के साथ राजनीति में प्रवेश किया और 1982 से 1988 तक बर्मिंघम सिटी काउंसिल के पार्षद रहे। वर्ष 1984 में नस्लीय भेदभाव के खिलाफ दिए गए उनके प्रभावशाली भाषण ने उन्हें व्यापक पहचान दिलाई।
अपने लंबे सार्वजनिक जीवन में उन्होंने कई महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया। वे नस्ली संबंध एवं समान अवसर समिति, मनोरंजन सेवाएं समिति तथा बर्मिंघम पुलिस सलाहकार समिति के अध्यक्ष भी रहे। इसके अलावा उन्होंने स्वास्थ्य, आवास और सामुदायिक विकास से जुड़ी कई संस्थाओं में अहम योगदान दिया।
युवा कल्याण और समाज सेवा में उत्कृष्ट योगदान के लिए उन्हें वर्ष 1990 में महारानी एलिजाबेथ द्वितीय द्वारा प्रतिष्ठित एमबीई (Member of the Order of the British Empire) सम्मान से नवाजा गया। उन्होंने 1995 से 2019 तक जस्टिस ऑफ द पीस (शांति न्यायाधीश) के रूप में भी सेवा दी।
राजनीति और समाज सेवा के अलावा उन्होंने पंजाबी संस्कृति के प्रचार-प्रसार में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। वर्ष 1965 में उन्होंने ब्रिटेन के अग्रणी पंजाबी भांगड़ा संगीत समूह “द मुसाफिर” की स्थापना की। वे एक कवि, लेखक, सार्वजनिक वक्ता, टीवी प्रस्तोता और रेडियो होस्ट के रूप में भी जाने जाते हैं।
वर्ष 2023 में वे सोलीहुल मेट्रोपॉलिटन बरो काउंसिल के सदस्य चुने गए और विभिन्न महत्वपूर्ण समितियों में अपनी सेवाएं दीं। वे यूनिवर्सिटी हॉस्पिटल्स बर्मिंघम एनएचएस फाउंडेशन ट्रस्ट के गवर्नर भी हैं।2026-27 के नगर प्रशासनिक वर्ष के लिए सोलीहुल के मेयर के रूप में उन्होंने सभी नागरिकों की निष्पक्षता, सम्मान और समावेशिता के साथ सेवा करने तथा सामुदायिक एकता और भविष्य की पीढ़ियों के लिए बेहतर अवसर सुनिश्चित करने का संकल्प लिया है। पंजाबी लोक विरासत अकादमी ने इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर सरदूल सिंह मारवा को शुभकामनाएं और हार्दिक बधाई दी है।