अमृतसर, 25 जुलाई (के.एल. जीत वालिया): आम आदमी पार्टी ट्रेड कमीशन, हलका पूर्वी के चेयरमैन कपिल चड्ढा ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे को देश के युवाओं और विद्यार्थियों के लंबे संघर्ष की ऐतिहासिक जीत बताया। उन्होंने कहा कि यह केवल एक मंत्री का इस्तीफा नहीं, बल्कि उन लाखों युवाओं की आवाज़ की जीत है जिन्होंने भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं, पेपर लीक और शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता की मांग को लेकर लगातार संघर्ष किया।
पत्रकारों से बातचीत करते हुए कपिल चड्ढा ने कहा कि देश के युवाओं ने अपनी मेहनत और प्रतिभा के बावजूद पेपर लीक जैसी घटनाओं के कारण बार-बार निराशा झेली है। उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाओं ने लाखों परिवारों की उम्मीदों को तोड़ा और विद्यार्थियों का परीक्षा प्रणाली पर विश्वास भी प्रभावित किया। उनके अनुसार यह घटनाक्रम युवाओं की एकजुटता, जागरूकता और लोकतांत्रिक संघर्ष की ताकत का प्रतीक है।
कपिल चड्ढा ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार की नीतियों के कारण आम लोगों के साथ-साथ छात्र वर्ग भी अनेक समस्याओं का सामना कर रहा है। उन्होंने कहा कि जब भी युवाओं के भविष्य से जुड़े गंभीर मुद्दे सामने आए, तब उनका समय पर समाधान करने के बजाय उन्हें टालने की कोशिश की गई। उन्होंने कहा कि आज का युवा पूरी तरह जागरूक है और अपने अधिकारों के लिए लोकतांत्रिक तरीके से आवाज़ उठाना जानता है।
उन्होंने कहा कि यह घटनाक्रम भविष्य में हर संस्था और जिम्मेदार पद पर बैठे लोगों के लिए एक सबक है कि विद्यार्थियों और युवाओं के भविष्य के साथ किसी भी प्रकार का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि भर्ती परीक्षाओं और शिक्षा व्यवस्था को पूरी तरह पारदर्शी, जवाबदेह और विश्वसनीय बनाया जाना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है।
कपिल चड्ढा ने देशभर के विद्यार्थियों, युवाओं और इस संघर्ष से जुड़े सभी लोगों को बधाई देते हुए कहा कि लोकतंत्र में जब युवा अपने अधिकारों के लिए एकजुट होकर आवाज़ उठाते हैं, तो उसकी गूंज सत्ता के सर्वोच्च स्तर तक पहुंचती है। उन्होंने कहा कि देश का भविष्य युवाओं के हाथों में सुरक्षित है और उनकी यह जागरूकता आगे भी देश को सही दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
अंत में उन्होंने आशा व्यक्त की कि भविष्य में शिक्षा और परीक्षा प्रणाली को अधिक मजबूत, निष्पक्ष और पारदर्शी बनाने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएंगे, ताकि प्रत्येक युवा को अपनी योग्यता के आधार पर आगे बढ़ने का समान अवसर मिल सके।