राहत राशि के चैंक सौंपे, मुलाजिमों का जीपीएफ फंड ना काटने वाली कंपनी को बलैक लिस्ट करने और प्रबंधकों की ग्रिफतारी के दिए आदेश
आधुनिक तकनीक एंव रोबोट्स का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित किया जाए-हरदीप गिल
जयपुर, 28 अप्रैल(के.एल. जीत वालिया)-कुछ दिन पहले जयपुर में हुई 2 सफाई कर्मचारियों की मौत के मामले को लेकर राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी कमिशन के वाइस चेयरमैन हरदीप सिंह गिल द्वारा जयपुर पहुंचकर मृतकों के परिवारों से मुलाकात की गई और साथ ही पीड़त परिवारों को 10-10 लाख रुपए की बकाया राहत राशि के चैक प्रदान किए गए। इस दौरान वाइस चेयरमैन हरदीप सिंह गिल ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय भवन लालकोठी पहुंचकर सफाई कर्मचारियों की सुरक्षा, सममान एंव अधिकारों सबंधी एक महत्वपूर्ण उच्चस्तरीय बैठक स्थानीय पुलिस-प्रशासन के अधिकारियों के साथ की, इस मीटिंग के दौरान हरदीप गिल ने पुलिस प्रशासन के अधिकारियों को आदेश दिया कि मृतक सफाई कर्मचारी जिस कंपनी में काम करते थे उस कंपनी को तुरंत बलैक लिस्ट किया जाए और कंपनी चलाने वाले लोगों को जल्द ग्रिफतार करके उनके खिलाफ सखत कानूनी कारवाई की जाए क्योकि इस कंपनी की तरफ से नियमों की अवहेलना करते हुए मुलाजिमों का जीपीएफ फंड भी जमां नहीं करवाया जा रहा था। बैठक के दौरान हरदीप गिल ने आदेश दिए कि मृतकों के परिवाकि मैंबरों को नगर निगम में सरकारी नौकरी, डेयरी बूथ समेत पीडि़त परिवारों को पात्रता के अनुसार प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत प्राथमिकता के आधार पर लाभान्वित किया जाए। हरदीप गिल ने यह भी स्पष्ट किया कि सीवर सफाई कार्य में मानव श्रम के स्थान पर आधुनिक तकनीक एंव रोबोट्स का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित किया जाए, जिससे कर्मचारियों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी जा सके और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके। उन्होंने कहा कि नमस्ते गार्बेज पोर्टल के माध्यम से सभी सफाई कर्मचारियों का शत-प्रतिशत पंजीकरण सुनिश्चित किया जाए तथा उन्हें आवश्यक सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराए जाएं, इसके साथ ही सभी कर्मचारियों के पहचान पत्रों में ब्लड ग्रुप अंकित किया जाए, ताकि आपातकालीन स्थिति में तुरंत चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई जा सके। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि माननीय न्यायालय के दिशा-निर्देशों के अनुसार एस.सी. एक्ट-1989, एट्रोसिटी एक्ट-1990 तथा मैनुअल स्कैवेंजर एंव उनके पुनर्वास अधिनियम-2013 के प्रावधानों का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए, इन कानूनों के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए जोन स्तर पर कार्यशालाओं का आयोजन किया जाए। साथ ही न्यायालय के निर्देशों का पालन करते हुए रात के समय सीवर सफाई कार्य को पूर्णत बंद रखा जाए। बैठक में अतिरिक्त आयुक्त, अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट-तृतीय, पुलिस उपायुक्त (उत्तर), उपायुक्त स्वास्थ्य प्रथम, उपायुक्त राजस्व, उपयुक्त हाउसिंग जोन, संयुक्त निदेशक (प्रशासन एवं अधिकारी विभाग), महाप्रबंधक (अजमेर निगम), अधिशासी अभियंता (सीवरेज) एवं अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।