अवैध रूप से लगाए जा रहे रक्तदान शिविरों पर स्वास्थ्य विभाग ने कसा शिकंजा, जांच के दौरान रक्तदान शिविरों में बड़ी खामियां सामने आईं

सभी रक्तदान शिविर ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट और नेशनल ब्लड ट्रांसफ्यूजन काउंसिल (NBTC) के नियमों के अनुसार ही लगाए जाएं – सिविल सर्जन

 

अमृतसर, 28 अप्रैल (के.एल. जीत वालिया) – पंजाब सरकार के निर्देशों के तहत स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग द्वारा धार्मिक स्थलों के बाहर लगाए जा रहे अवैध रक्तदान शिविरों की जांच के लिए विशेष टीमों का गठन किया गया।

 

सिविल सर्जन अमृतसर डॉ. सतिंदरजीत सिंह बाजाज द्वारा गठित टीम, जिसमें जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. जसपाल सिंह, बीटीओ डॉ. रेखा राणा तथा अन्य स्टाफ शामिल थे, ने एक शिकायत के आधार पर गुरुद्वारा शहीदां साहिब के नजदीकी क्षेत्र में लगाए जा रहे विभिन्न रक्तदान शिविरों की अचानक जांच की।

 

जांच के दौरान कई गंभीर तकनीकी खामियां और उल्लंघन सामने आए, जिनमें बिना अनुमति के शिविर लगाना, योग्य स्टाफ की कमी, प्रशिक्षित चिकित्सा विशेषज्ञों के बिना शिविर संचालित करना, बुनियादी क्लीनिकल ढांचे का अभाव तथा रक्तदाताओं की सुरक्षा के लिए आवश्यक दवाइयों और आपातकालीन सुविधाओं की कमी शामिल है।

 

सिविल सर्जन डॉ. सतिंदरजीत सिंह बाजाज ने बताया कि जांच टीम के पहुंचने की सूचना मिलते ही कई आयोजकों ने अपने शिविर तुरंत बंद कर दिए और मौके से फरार हो गए। इन अवैध रक्तदान संस्थाओं के संबंध में विस्तृत रिपोर्ट आगे की कानूनी और प्रशासनिक कार्रवाई के लिए सिविल सर्जन कार्यालय को भेज दी गई है।

 

सिविल सर्जन डॉ. बाजाज ने सभी ब्लड सेंटरों और एनजीओ को सख्त चेतावनी जारी करते हुए कहा कि सभी रक्तदान शिविर ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट तथा नेशनल ब्लड ट्रांसफ्यूजन काउंसिल (NBTC) के दिशा-निर्देशों के अनुसार ही लगाए जाएं। उन्होंने कहा कि “रक्तदाताओं की सुरक्षा और रक्त की गुणवत्ता सर्वोच्च प्राथमिकता है।” यदि कोई भी ब्लड सेंटर बिना योग्य तकनीकी स्टाफ के पाया गया तो उसका लाइसेंस तुरंत रद्द कर दिया जाएगा और सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

डॉ. बाजाज ने आगे कहा कि स्वास्थ्य विभाग ऐसी गतिविधियों पर कड़ी नजर रखेगा, ताकि रक्तदान जैसे नेक कार्य की गरिमा और विश्वसनीयता बनी रहे।

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