अमृतसर, 28 अप्रैल (के.एल. जीत वालिया)- शिक्षा व्यवस्था से जुड़ा एक मामला सामने आया है, जिसने छात्रों और अभिभावकों में चिंता पैदा कर दी है। जानकारी के अनुसार यदि किसी छात्र को कम्पार्टमेंट आती है, तो उसे दोबारा परीक्षा देने के लिए 1100 रुपये फीस देनी होती है। लेकिन यदि किसी कारणवश छात्र समय पर आवेदन नहीं कर पाता, तो उस पर प्रति दिन 1000 रुपये लेट फीस लगाई जाती है, जो अधिकतम 30,000 रुपये तक पहुंच सकती है।
इस संबंध में विश्वविद्यालय के वाइस चांसलर से बातचीत करने पर उन्होंने बताया कि यह नियम पिछले 8 वर्षों से लागू है और इसमें बदलाव करना उनके अधिकार क्षेत्र में नहीं है।
छात्रों का कहना है कि 1100 रुपये की मूल फीस के मुकाबले 1000 रुपये प्रतिदिन की लेट फीस बहुत ज्यादा है, जिससे उन पर भारी आर्थिक बोझ पड़ रहा है। खासतौर पर गरीब और मध्यम वर्ग के छात्रों के लिए इतनी बड़ी राशि जमा करना कठिन हो जाता है।
शिक्षा विशेषज्ञों और सामाजिक संगठनों ने भी इस नियम पर पुनर्विचार करने की मांग की है, ताकि छात्रों को राहत मिल सके और शिक्षा प्रणाली को अधिक छात्र-हितैषी बनाया जा सके।