चौक मेहता, 5 मई (तरसेम सिंह रंधावा): दामदमी टकसाल द्वारा संत ज्ञानी हरनाम सिंह खालसा की अगुवाई में 6 जून को टकसाल मुख्यालय गुरुद्वारा गुरदर्शन प्रकाश मेहता में मनाई जाने वाली तीसरे घल्लूघारे के शहीदों की 42वीं शहीदी वर्षगांठ के संबंध में विभिन्न नगरों में धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इसी श्रृंखला के तहत गुरुद्वारा भगतां दा डेरा, तरसिक्का में शहीदी दीवान सजाए गए।
1 मई से शुरू हुए इन कार्यक्रमों के अंतर्गत शबद कीर्तन और कथा समागम आयोजित किए जा रहे हैं। तरसिक्का में आयोजित शहीदी दीवान दोपहर 12 बजे से 2 बजे तक चला।
कार्यक्रम की शुरुआत दामदमी टकसाल के हजूरी रागी भाई गुरलाल सिंह के जत्थे द्वारा मधुर और रसपूर्ण गुरबाणी कीर्तन से हुई, जिसने संगतों को आध्यात्मिक वातावरण में सराबोर कर दिया। इसके बाद संत ज्ञानी हरनाम सिंह खालसा ने कथा विचार करते हुए संगत को गुरु इतिहास से अवगत कराया।
इस अवसर पर संत बाबा सज्जन सिंह गुरु की बेड़ साहिब, संत बाबा गुरभेज सिंह खुजाला, संत बाबा नवतेज सिंह चेलेयाणा साहिब, संत बाबा मलकीत सिंह जब्बोवाल, संत बाबा स्विंदर सिंह टाहली साहिब, संत बाबा सरदारा सिंह गुरु का बाग, संत बाबा कंवलजीत सिंह नगियाना साहिब, जत्थेदार बाबा निरवैर सिंह, चेयरमैन गुरदीप सिंह, प्रिंसिपल हरशदीप सिंह, डॉ. अवतार सिंह बुट्टर, प्रिंसिपल गुरदीप सिंह जलाल उस्मां, जत्थेदार बाबा अजीत सिंह मुखी तरना दल मेहता, जत्थेदार बोहड़ सिंह, ज्ञानी राजिंदरपाल सिंह राजस्थानी, प्रिंसिपल जोबनप्रीत सिंह और भाई हरचंद सिंह सहित बड़ी संख्या में संगत और क्षेत्र के गणमान्य लोग उपस्थित रहे।