अमृतसर, 10 मई (के.एल. जीत वालिया) – एडवोकेट कृष्णा देवगण और एडवोकेट किरनदीप पासी ने अमृतसर नगर निगम के कमिश्नर को एक लिखित शिकायत और आवेदन देकर पार्षदों की तनख्वाह में गंभीर गड़बड़ी और अनियमितताओं के आरोप लगाए हैं।
शिकायत में बताया गया कि कृष्णा देवगण की माता श्रीमती सुनीता शर्मा, जो वर्ष 2017 से 2022 तक पार्षद रहीं, उन्हें लगभग 60 महीनों का वेतन बनता था, लेकिन निगम द्वारा केवल लगभग 55 वेतन ही जारी किए गए। इस संबंध में अन्य पार्षदों से भी जानकारी एकत्र की गई, जिनमें से किसी को 55, किसी को 56 तथा कई अन्य को भी कम वेतन मिलने की बात सामने आई है।
एडवोकेट कृष्णा देवगण और एडवोकेट किरनदीप पासी ने कहा कि इस मामले में पहले भी डायरी नंबर 94/95 दिनांक 10 सितंबर 2025 के माध्यम से शिकायत दी गई थी, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। बाद में आरटीआई भी दायर की गई, पर उसका भी संतोषजनक उत्तर नहीं दिया गया। उनका आरोप है कि निगम द्वारा दिए गए विवरणों में कई वेतन प्रविष्टियां दर्ज नहीं की गईं, जिससे रिकॉर्ड छिपाने की आशंका पैदा होती है।
उन्होंने कहा कि वे अपनी बैंक स्टेटमेंट, पैन नंबर, खातों की जानकारी और अन्य सभी साक्ष्य निगम को देने के लिए तैयार हैं। उन्होंने यह भी कहा कि यदि उनके द्वारा कोई गलत तथ्य प्रस्तुत किया गया हो तो उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए, लेकिन यदि निगम में करोड़ों रुपये की अनियमितता सामने आती है तो उसकी उच्च स्तरीय जांच करवाई जाए।
उन्होंने मेयर और कमिश्नर से मामले की निष्पक्ष जांच करवाने तथा सभी पार्षदों की तनख्वाह की दोबारा गणना करवाने की मांग की। उनका कहना है कि यह मामला केवल एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि नगर निगम में संभावित करोड़ों रुपये की गड़बड़ी से जुड़ा हुआ है।
एडवोकेट कृष्णा देवगण और एडवोकेट किरनदीप पासी ने चेतावनी दी कि यदि इस मामले में न्याय नहीं मिला तो इसे उच्च स्तर तक उठाया जाएगा।