एक सप्ताह के भीतर कूड़ा नहीं हटाया गया तो किया जाएगा धरना-प्रदर्शन – कमलजीत सिंह, सुख, भारद्वाज
अमृतसर, 31 मई (के.एल. जीत वालिया): शिवपुरी नारायणगढ़ क्षेत्र के लोगों को पास में लगे कूड़े के बड़े ढेर के कारण भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इसके अलावा श्मशान घाट के मुख्य द्वार के बाहर भी खुले में कूड़ा फेंका जा रहा है, जिससे क्षेत्र में गंदगी लगातार बढ़ती जा रही है।
हालांकि प्रशासन समय-समय पर स्वच्छता अभियान चलाता है, लेकिन जमीनी स्तर पर इसका कोई खास असर दिखाई नहीं देता। सफाई के नाम पर अभियान तो चलाए जाते हैं, लेकिन गंदगी की समस्या जस की तस बनी हुई है।
छेहरटा संघर्ष समिति के अध्यक्ष कमलजीत सिंह, सुखजिंदरपाल सिंह सुख, हरमनप्रीत सिंह, शिवपुरी नारायणगढ़ के प्रधान पन्ना लाल भारद्वाज, सतीश मंटू, एम.डी. रिखी और पिंटू बेदी ने बताया कि पिछले तीन महीनों से नगर निगम द्वारा शिवपुरी नारायणगढ़ के प्रवेश द्वार के पास कूड़ा डाला जा रहा है, जिससे इस स्थान को डंपिंग ग्राउंड का रूप देने की कोशिश की जा रही है।
उन्होंने बताया कि पहले भी सड़क किनारे कूड़े के ढेर लगाए जाते थे, जिसके कारण सीवर लाइनें जाम हो गई थीं। परिणामस्वरूप गंदा पानी शिवपुरी के अंदर प्रवेश कर गया था और श्मशान घाट तक पहुंच गया था। लोगों के विरोध के बाद बड़ी मुश्किल से उस स्थान की सफाई करवाई गई थी।
नेताओं ने आरोप लगाया कि अब नगर निगम ने फिर से शिवपुरी गेट के पास कूड़ा डालना शुरू कर दिया है, जिससे यह स्थान धीरे-धीरे स्थायी डंपिंग ग्राउंड बनता जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस गंदगी के कारण कई प्रकार की बीमारियां फैलने का खतरा बना हुआ है, लेकिन सफाई व्यवस्था की ओर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा।
शिवपुरी प्रधान पन्ना लाल भारद्वाज और सतीश मंटू ने बताया कि उन्होंने क्षेत्र के विकास और गंदगी की समस्या को लेकर तीन बार स्थानीय विधायक को अवगत कराया, लेकिन मौके का दौरा करने और आश्वासन देने के अलावा कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।
छेहरटा संघर्ष समिति के अध्यक्ष कमलजीत सिंह और सुखजिंदरपाल सिंह सुख ने कहा कि शिवपुरी गेट के पास लगे कूड़े के ढेर के कारण अंतिम संस्कार के लिए आने वाले लोगों को भी काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।
उन्होंने कहा कि एक ओर सरकार स्वच्छता अभियान चलाकर लोगों को जागरूक कर रही है और गंदगी फैलाने वालों के चालान काट रही है, वहीं दूसरी ओर स्वयं शिवपुरी गेट के पास कूड़ा डलवाकर स्वच्छता अभियान की भावना को नुकसान पहुंचाया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि यह गंदगी न केवल शिवपुरी और आसपास के धार्मिक स्थलों की गरिमा को प्रभावित कर रही है, बल्कि डेंगू, मलेरिया जैसी संक्रामक बीमारियों के फैलने का खतरा भी पैदा कर रही है। नेताओं ने प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि एक सप्ताह के भीतर शिवपुरी क्षेत्र की सफाई कर कूड़े के इस डंप को नहीं हटाया गया, तो वे क्षेत्रवासियों के साथ सड़कों पर उतरकर धरना-प्रदर्शन करने के लिए मजबूर होंगे।