संसद में पंजाब के मुद्दों पर कांग्रेस का जोरदार प्रदर्शन

‘5 लाख युवाओं का भविष्य दांव पर, अपने अधिकार मांगने वाले कर्मचारियों पर बरसाईं गईं लाठियां’ : सांसद गुरजीत सिंह औजला

अमृतसर, 27 जुलाई (के.एल. जीत वालिया):

पंजाब में लगातार सामने आ रहे कथित पेपर लीक मामलों और सफाई कर्मचारियों पर हुए कथित लाठीचार्ज के विरोध में सोमवार को संसद परिसर में पंजाब कांग्रेस के सांसदों ने जोरदार प्रदर्शन किया। सांसदों ने हाथों में तख्तियां लेकर पंजाब सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और मुख्यमंत्री भगवंत मान से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफे की मांग की।

प्रदर्शन में पंजाब कांग्रेस के अध्यक्ष एवं सांसद अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग, अमृतसर से सांसद गुरजीत सिंह औजला, डॉ. अमर सिंह और शेर सिंह घुबाया शामिल रहे।

प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस सांसदों ने आरोप लगाया कि पंजाब में भर्ती परीक्षाओं और सरकारी नौकरियों की पारदर्शिता लगातार सवालों के घेरे में है। उनका कहना था कि पिछले चार वर्षों में छह बड़े पेपर लीक मामलों ने राज्य के युवाओं के भविष्य को प्रभावित किया है और 5 लाख से अधिक अभ्यर्थी इससे सीधे प्रभावित हुए हैं।

अमृतसर के सांसद गुरजीत सिंह औजला ने कहा कि पंजाब का युवा दिन-रात मेहनत करके सरकारी नौकरी की तैयारी करता है, लेकिन जब परीक्षा का प्रश्नपत्र लीक हो जाता है तो वर्षों की मेहनत और सपने पल भर में टूट जाते हैं। उन्होंने कहा कि यह केवल एक परीक्षा में गड़बड़ी का मामला नहीं, बल्कि लाखों युवाओं और उनके परिवारों के भविष्य से जुड़ा गंभीर मुद्दा है।

औजला ने प्रत्येक पेपर लीक मामले की निष्पक्ष और समयबद्ध जांच की मांग करते हुए कहा कि दोषियों को किसी भी प्रकार का राजनीतिक संरक्षण दिए बिना उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए। साथ ही भर्ती प्रक्रिया को अधिक सुरक्षित, पारदर्शी और तकनीकी रूप से मजबूत बनाने की आवश्यकता है।

प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस सांसदों ने हाल ही में सफाई कर्मचारियों पर हुए कथित लाठीचार्ज का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया। औजला ने कहा कि लोकतंत्र में अपने अधिकारों की मांग करना हर कर्मचारी का संवैधानिक अधिकार है। यदि सफाई कर्मचारी शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे थे तो सरकार को उनसे बातचीत करनी चाहिए थी, न कि उन पर लाठियां बरसानी चाहिए थीं। उन्होंने कहा कि इस घटना ने सरकार की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

कांग्रेस सांसदों ने आरोप लगाया कि पंजाब सरकार हर मोर्चे पर विफल साबित हो रही है। युवाओं को रोजगार नहीं मिल रहा, भर्ती प्रक्रियाएं विवादों में हैं और कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान करने के बजाय उनकी आवाज दबाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि जनता ने बदलाव की उम्मीद से सरकार चुनी थी, लेकिन आज पंजाब में बेरोजगारी, प्रशासनिक अव्यवस्था और लोगों में निराशा बढ़ रही है।

संसद परिसर में प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस सांसदों ने मुख्यमंत्री भगवंत मान से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफे की मांग की। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार युवाओं और कर्मचारियों से जुड़े इन गंभीर मुद्दों पर जल्द ठोस कदम नहीं उठाती, तो कांग्रेस पार्टी संसद के भीतर और बाहर अपना आंदोलन और तेज करेगी।

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