अमृतसर, 2 अगस्त (के.एल. जीत वालिया):पंजाब में लागू की जा रही लीगल डिफेंस काउंसिल (एलडीसी) प्रणाली को लेकर अमृतसर के वरिष्ठ अधिवक्ता हर संगीत सिंह और निर्मल सिंह ने गंभीर चिंता व्यक्त की है। पत्रकारों से बातचीत करते हुए दोनों वरिष्ठ वकीलों ने कहा कि वर्तमान स्वरूप में इस प्रणाली को लागू करने से न्याय व्यवस्था और स्वतंत्र वकालत दोनों प्रभावित होंगी।
उन्होंने कहा कि प्रत्येक नागरिक को अपनी पसंद का वकील चुनने का पूर्ण अधिकार है। यदि कानूनी सहायता केवल चुनिंदा वकीलों तक सीमित कर दी जाती है, तो इससे आम लोगों का न्याय व्यवस्था पर विश्वास कमजोर होगा और उन्हें निष्पक्ष कानूनी प्रतिनिधित्व प्राप्त करने में कठिनाई हो सकती है।

एडवोकेट हर संगीत सिंह ने कहा कि एलडीसी प्रणाली का सीधा असर हजारों युवा वकीलों की प्रैक्टिस और रोजगार पर पड़ेगा। नए वकीलों के लिए कानूनी सहायता से जुड़े मामले अनुभव प्राप्त करने का महत्वपूर्ण माध्यम होते हैं, लेकिन नई व्यवस्था के कारण ऐसे अवसर काफी कम हो जाएंगे।
वरिष्ठ अधिवक्ता निर्मल सिंह ने कहा कि गरीब और जरूरतमंद लोगों को निःशुल्क कानूनी सहायता उपलब्ध कराने का सरकार का उद्देश्य सराहनीय है, लेकिन इसके लिए ऐसी नीति बनाई जानी चाहिए जो वकीलों के अधिकारों और न्यायपालिका की स्वतंत्रता को प्रभावित न करे। उन्होंने कहा कि किसी भी अंतिम निर्णय से पहले बार काउंसिल, बार एसोसिएशनों और कानूनी विशेषज्ञों से विस्तृत विचार-विमर्श किया जाना चाहिए।
दोनों वरिष्ठ अधिवक्ताओं ने पंजाब सरकार से अपील की कि एलडीसी प्रणाली पर पुनर्विचार किया जाए और ऐसी संतुलित नीति बनाई जाए जिससे गरीबों को प्रभावी कानूनी सहायता भी मिले, युवा वकीलों के रोजगार की सुरक्षा भी सुनिश्चित हो और न्याय प्रणाली की स्वतंत्रता भी पूरी तरह बरकरार रहे।