अमृतसर, 2 अगस्त (संदीप सिंह राजू, के.एल. जीत वालिया):अमृतसर की वरिष्ठ अधिवक्ता एडवोकेट दविंदर कौर बेदी ने पंजाब में लागू की जा रही लीगल डिफेंस काउंसिल (एलडीसी) प्रणाली पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि इस व्यवस्था को लागू करने से पहले सरकार को कानूनी विशेषज्ञों, बार काउंसिल और बार एसोसिएशनों के साथ विस्तृत विचार-विमर्श करना चाहिए था।
पत्रकारों से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि प्रत्येक नागरिक को अपनी पसंद का वकील चुनने का अधिकार है। यदि इस अधिकार को किसी भी रूप में सीमित किया जाता है, तो इसका सीधा असर न्याय व्यवस्था की पारदर्शिता और लोगों के विश्वास पर पड़ेगा।
उन्होंने कहा कि एलडीसी प्रणाली के कारण बड़ी संख्या में युवा वकीलों की प्रैक्टिस और रोजगार प्रभावित हो सकते हैं। नए अधिवक्ता अपने करियर की शुरुआत अक्सर कानूनी सहायता से जुड़े मामलों के माध्यम से करते हैं, लेकिन यदि ऐसे मामले केवल सीमित संख्या के वकीलों तक ही रह जाएंगे, तो हजारों युवा वकीलों के भविष्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा।
एडवोकेट दविंदर कौर बेदी ने कहा कि गरीब और जरूरतमंद लोगों को निःशुल्क एवं प्रभावी कानूनी सहायता मिलना अत्यंत आवश्यक है, लेकिन इसके साथ-साथ स्वतंत्र वकालत की परंपरा को बनाए रखना और प्रत्येक योग्य वकील को समान अवसर प्रदान करना भी उतना ही महत्वपूर्ण है।
उन्होंने पंजाब सरकार से अपील की कि एलडीसी प्रणाली के वर्तमान स्वरूप पर पुनर्विचार किया जाए और ऐसी संतुलित नीति बनाई जाए, जिससे गरीबों को समय पर न्याय मिल सके, साथ ही वकीलों के अधिकार, रोजगार और न्याय प्रणाली की स्वतंत्रता भी पूरी तरह सुरक्षित रहे। उन्होंने कहा कि कानूनी सुधार हमेशा सभी पक्षों की सहमति और जनहित को ध्यान में रखकर ही लागू किए जाने चाहिए।